राज्यपाल के पत्र के बाद राजनीति गरमाई
मुंबई, । छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान के संदर्भ में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सफाई दी है। इस पत्र के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है।
राज्यपाल ने अपने पत्र में लिखा है कि औरंगाबाद में एक कार्यक्रम में उनके व्यक्तव्य के एक छोटे हिस्से को लेकर उनपर छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि वे छत्रपति शिवाजी महाराज सहित सभी महापुरुषों का सम्मान करते हैं। राज्यपाल के इस पत्र के बाद एक बार फिर राजनीति गरमा गई है।
विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजीत पवार ने कहा कि राज्यपाल को राज्य से अपने प्रदेश में चला जाना चाहिए। इस तरह के पत्र का कोई मतलब नहीं है। शिवसेना नेता विनायक राऊत ने कहा कि राज्यपाल का यह पत्र बहुत ही देरी के बाद दिया गया है। इस पत्र का कोई मतलब नहीं रह गया गया है। इस पत्र में राज्यपाल ने अपने किए पर माफी माफी नहीं मांगी है, बल्कि सिर्फ सफाई दी है। राज्यपाल को इस तरह का पत्र वह भी माफी मांगते हुए पहले भी भेजना चाहिए था। राकांपा विधायक रोहित पवार ने कहा कि राज्यपाल को प्रोटोकाल के अनुसार पत्र राष्ट्रपति को भेजना चाहिए था। फिर भी उन्होंने अगर यह पत्र केंद्रीय गृहमंत्री को भेजा है तो इससे कोई मतलब साध्य नहीं हुआ है। राज्यपाल ने अहंकार की वजह से इस पत्र में अपनी गलती पर माफी नहीं मांगा है। इसलिए इस पत्र का कोई मतलब नहीं है। राज्यपाल को किसी भी तरह महाराष्ट्र से चला जाना चाहिए।
