नई दिल्ली, 14 दिसंबर। सरकार ने राज्यसभा में बताया कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अब तक आतंकवाद के 497 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से 67 मामलों में फैसला सुनाया गया है, जिनमें से 65 में दोष सिद्ध हुआ है।
गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 दिसंबर 2022 तक एनआईए ने कोयम्बटूर बम विस्फोट सहित 497 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अड़चनों वाले मामलों सहित गंभीर प्रकृति के मामले एनआईए को बिना किसी पक्षपात अथवा पूर्वाग्रह के सौंपे जाते हैं।
राय ने बताया कि एनआईए द्वारा की गई जांचों में निष्पक्षता और पारदर्शिता इस तथ्य से स्पष्ट हो जाती है कि वर्ष 2019 से 2022 (दिनांक 02.12.2022 तक) के दौरान, 67 मामलों में निर्णय दिया गया है, जिनमें से, 65 मामलों में दोषसिद्धि हुई है और 02 मामले दोषमुक्ति द्वारा समाप्त हो गए हैं।
उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण के मामलों में वृद्धि होने के कारण, नई शाखा कार्यालयों की स्थापना से एनआईए की क्षमता में वृद्धि करना और साथ ही मानव तस्करी, प्रतिबंधित हथियारों के विनिर्माण अथवा बिक्री, साइबर आतंकवाद, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 से जुड़े अपराधों को वर्ष 2019 में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम, 2008 की अनुसूची में शामिल करके उनके अधिदेश में विस्तार करना रहे हैं।
राय ने बताया कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राष्ट्रों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों, अंतर्राष्ट्रीय संधियों से जुड़े मामलों आदि को प्रभावित करने वाले गंभीर प्रकृति के अपराधों की जांच करने तथा इस संबंध में अभियोजन चलाने का अधिदेश दिया गया है।
