रायपुर । आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमाई हुई है। पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जोरों पर है। इसी बीच राज्यपाल अनुसुइया उइके रविवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हुईं। यहां वे राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगीं। वहीं राज्यपाल के दिल्ली दौरे को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान सामने आया है। सीएम बघेल ने कहा कि राज्यपाल अनुसुईया उईके को अपनी बात पर कायम रहना चाहिए। उन्हें जल्द से जल्द आरक्षण विधेयक पर हस्ताक्षर करना चाहिए। आरक्षण का लाभ छात्र, छात्राओं को और जो नौकरी में भर्ती होना चाहते हैं, उनको मिलना चाहिए। इसमें विलंब कतई उचित नहीं है।
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से विधानसभा से पारित आरक्षण संशोधन विधेयक में राज्य सरकार ने एससी के लिए 13 प्रतिशत, एसटी के लिए 32, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत औरु ईडब्ल्यूएस के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। बता दें कि 19 सितंबर को हाईकोर्ट ने प्रदेश में 2012 से चल रहे 58 प्रतिशत आरक्षण को असंवैधानिक बताते हुए इसे निरस्त कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने कुल 76 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रविधान करते हुए विधानसभा में आरक्षण संशोधन विधेयक पारित किया है।
