Latest देश भारतीय वित्तीय हर वर्ष 1 अप्रैल से ही क्यों शुरू होता है Lok Swaraj24 April 1, 2024 Spread the loveभारतीय वित्तीय हर वर्ष 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 31 मार्च को समाप्त होता है | जैसा कि नाम से ही पता चलता है वित्तीय वर्ष में लोगों के आय और व्यय का लेखा-जोखा तैयार किया जाता है। इसी कारण 31 मार्च कई तरह की योजनाओं, कर भुगतान और ITR जैसे कामों को पूरा करने का अंतिम दिन भी होता है। 1 अप्रैल से 31 मार्च तक की तीथि को ही हम अलग-अलग नामों से जानते हैं, जैसे कि- अकाउंटिंग ईयर, फिस्कल ईयर या फायनांशियल ईयर भी कहते हैं | पर क्या आपने कभी सोचा है कि इन कामों को पूरा करने के लिए 1 अप्रैल का दिन क्यों चुना गया, जबकि इसे 1 जनवरी से भी शुरू किया जा सकता है। तो आपको बता दें कि 1 अप्रैल को वित्तीय वर्ष के पहले दिन के रूप में चुने जाने के कई कारण है जैसे – दिसंबर में मिलता था कम समय, फसल चक्र के हिसाब से तय किया गया तिथिपत्र, विदेशी नियमो को अब भी कर रहे फॉलो, इन कारणों में से एक कारण है- हिंदू नव वर्ष का प्रतीक – बहुत लोगों का यह भी मानना है कि इसे हिंदू नव वर्ष के आधार पर रखा गया है। हिंदू कैलेंडर का पहला महीना यानी कि वैशाख मार्च-अप्रैल से शुरू होता है। इसलिए, यह भी एक कारण है कि भारत सरकार ने भी भारत में अप्रैल से मार्च तक वित्तीय वर्ष शुरू करने के बारे में सोचा। हालांकि, संविधान अप्रैल में शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए कोई प्रावधान नहीं है और व्यवसायों या संगठनों को सरकार के वित्तीय वर्ष के अनुसार अपने बहीखाते को रखने की आवश्यकता नहीं है | बता दें कि दुनिया में करीब 156 देश 1 जनवरी से 31 दिसंबर को कारोबारी साल मानते हैं. वहीं भारत समेत 33 देश 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच अपना फाइनेंशियल ईयर मानते हैं वहीं 20 देश 1 जुलाई से लेकर 30 जून को अपना अकाउंटिंग ईयर मनाते हैं | Post navigation Previous केंद्रीय गृहमंत्री ने तूफान पीड़ित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दिया सहायता का आश्वासनNext प्रधानमंत्री मोदी की आज उत्तराखंड और राजस्थान में जनसभा Related Stories छत्तीसगढ़ के महान जननायक डॉ. खूबचंद बघेल FEATURED देश छत्तीसगढ़ के महान जननायक डॉ. खूबचंद बघेल July 19, 2026 वीर क्रांतिकारी मंगल पांडे जयंती FEATURED देश वीर क्रांतिकारी मंगल पांडे जयंती July 19, 2026 प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद के आतिशबाजी कारखाने में हुए विस्फोट के पीड़ितों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की। FEATURED देश प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद के आतिशबाजी कारखाने में हुए विस्फोट के पीड़ितों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की। July 19, 2026