देश चाणक्य नीति :- श्रेष्ठता को बचाएं Lok Swaraj24 April 3, 2024 Spread the loveत्यजेदेकं कुलस्यार्थे ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजेत| ग्रामं जनपदस्यार्थे आत्मार्थे पृथिवीं त्यजेत || आचार्य चाणक्य यहां क्रम से श्रेष्ठता को प्रतिपादित करते हुए कहते हैं कि व्यक्ति को चाहिए कि कुल के लिए एक व्यक्ति को त्याग दें| ग्राम के लिए कुल को त्याग देना चाहिए| राज्य की रक्षा के लिए ग्राम को तथा आत्मरक्षा के लिए संसार को भी त्याग देना चाहिए| आशय यह है कि यदि किसी एक व्यक्ति को त्याग देने से पूरे कुल-खानदान का भला हो रहा हो, तो उस व्यक्ति को त्याग देने में कोई बुराई नहीं है| यदि कुल को त्यागने से गाँव भर का भला होता है, तो कुल को भी त्याग देना चाहिए| इसी प्रकार यदि गाँव को त्यागने पर देश का भला हो, तो गाँव को भी त्याग देना चाहिए| किन्तु अपना जीवन सबसे बड़ा है | यदि अपनी रक्षा के लिए सारे संसार का भी त्याग करना पड़े, तो संसार का त्याग कर देना चाहिए| जान है, तो जहान है | यही उत्तम कर्तव्य है | Post navigation Previous कलेक्टर ने मतदान दल के अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण का किया अवलोकनNext भिलाई इस्पात संयंत्र ने इस वित्त वर्ष में उत्पादन के सभी मापदंडों में रिकॉर्ड प्रदर्शन कर दर्ज की नई ऊंचाई Related Stories इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की संकल्प पूर्ति में अग्रणी भूमिका निभाएगा मध्य प्रदेश : मोहन यादव FEATURED देश इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की संकल्प पूर्ति में अग्रणी भूमिका निभाएगा मध्य प्रदेश : मोहन यादव September 4, 2026 रामदास आठवले ने श्रमिकों को वितरित किए ‘नमस्ते’ व ‘आयुष्मान’ कार्ड FEATURED देश रामदास आठवले ने श्रमिकों को वितरित किए ‘नमस्ते’ व ‘आयुष्मान’ कार्ड September 4, 2026 अखिल भारतीय बचाव एवं पुनर्वास अभियान के दौरान एनसीपीसीआर ने बाल श्रम से 3800 से अधिक बच्चों को बचाया। FEATURED देश अखिल भारतीय बचाव एवं पुनर्वास अभियान के दौरान एनसीपीसीआर ने बाल श्रम से 3800 से अधिक बच्चों को बचाया। September 4, 2026