देश प्रेरक प्रसंग :- अधिकार और कर्तव्य Lok Swaraj24 April 9, 2024 Spread the loveएक बार स्वर्गीय जाकिर हुसैन के पास उनके एक परिचित सज्जन एक ऐसे छात्र को लेकर आये , जो नवीं कक्षा में लगातार दो वर्षों से अनुतीर्ण होता आ रहा था | वे सज्जन यह चाहते थे की जाकिर साहब अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग कर उस छात्र को परीक्षा में उत्तीर्ण कर उसे दसवीं कक्षा में दाखिल करायें | उस समय हुसैन जामिया मिलिया में उपकुलपति थे | जब उन सज्जन ने जाकिर साहब से इस सम्बन्ध में प्रार्थना की, तो वे उनकी ओर प्रथम तो देखते रहे | फिर बोले, ‘’अच्छा तो आप चाहते हैं कि मैं अपने खसूसी अख्त्यारात का गलत इस्तेमाल करूँ ? कोई बात नहीं | आप दफ्तर से बी. ए. का एक फार्म ले आइए, मैं इन्हीं बी. ए. में दाखिला दिये देता हूँ, क्योकिं मेरे अख्त्यारात में यह भी है | जब गलत कार्य करने आये हैं, तो बड़ा गलत काम ही क्यों नहीं कराते ?’’ यह सुन वे महोदय झेंप गये | तब जाकिर साहब पुनः बोले, ‘’मुझे आपसे येसी कोई उम्मीद न थी | मेरी आपके प्रति जो भावना थी, उस पर अपने पानी फेर दिया |’’ अब वे सज्जन और छात्र दोनों बड़े लज्जित हुए और क्षमा माँगकर उन्होंने फ़ौरन राह ली | Post navigation Previous जयंती विशेष :- डा. हेडगेवार की दूरदृष्टि अतुलनीय थीNext नव भाजपा प्रवेशियों की ग्रामीण मंडलों में हुई बैठक Related Stories सोनम वांगचुक की पत्नी ने सफदरजंग अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक को लिखा पत्र, दूसरे अस्पताल ले जाने की मांग FEATURED देश सोनम वांगचुक की पत्नी ने सफदरजंग अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक को लिखा पत्र, दूसरे अस्पताल ले जाने की मांग July 18, 2026 प्रधानमंत्री ने विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों से की बात, दी बधाई FEATURED देश प्रधानमंत्री ने विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों से की बात, दी बधाई July 18, 2026 संघ कभी सूर्यास्त नहीं देखता, सदैव चिरयुवा रहता है : प्रो. राकेश सिन्हा FEATURED देश संघ कभी सूर्यास्त नहीं देखता, सदैव चिरयुवा रहता है : प्रो. राकेश सिन्हा July 18, 2026