Latest देश चाणक्य नीति :- परिश्रम से ही फल मिलता है Lok Swaraj24 April 10, 2024 Spread the loveउद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम | मौनेन कलहो नास्ति जागृतस्य च न भयम || यहां आचार्य चाणक्य आचरण की चर्चा करते हुए कहते हैं कि उद्यम से दरिद्रता तथा जाप से पाप दूर होता है | मौन रहने से कलह और जागते रहने से भय नहीं होता | आशय है कि परिश्रम- उद्यम करने से गरीबी नष्ट होती है | अत: व्यक्ति को श्रम करना चाहिए ताकि जीवन सम्पन्न हो सके | भगवान् का नाम जपने से पाप दूर होते हैं, मन और आत्मा की शुद्धि होती है शुद्ध कर्म की प्रेरणा मिलती है, व्यक्ति दुष्कर्म से दूर होता है | चुप रहने से झगड़ा नहीं बढ़ता और अप्रिय स्थितियाँ टल जाती हैं तथा जागते रहने से किसी चीज का डर नहीं रहता क्योंकि सजगता से व्यक्ति चीजों को खतरे से पूर्व ही संभाल सकता है | Post navigation Previous भिलाई के पास बस हादसे में केडिया कंपनी के 15 कर्मचारियों की मौत, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दुख जतायाNext चैत्र नवरात्र का दूसरा दिन:- मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित Related Stories बजट सत्र के बाद संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित; नौ विधेयक पारित, उत्पादकता उच्च बनी हुई है। FEATURED देश बजट सत्र के बाद संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित; नौ विधेयक पारित, उत्पादकता उच्च बनी हुई है। April 18, 2026 कैबिनेट ने क्षमता और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 24,815 करोड़ रुपये की रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी FEATURED देश कैबिनेट ने क्षमता और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 24,815 करोड़ रुपये की रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी April 18, 2026 केंद्रीय कैबिनेट ने पीएमजीएसवाई-III को मार्च 2028 तक जारी रखने की दी मंजूरी; तय किया गया 83,977 करोड़ रुपए का नया बजट | FEATURED देश केंद्रीय कैबिनेट ने पीएमजीएसवाई-III को मार्च 2028 तक जारी रखने की दी मंजूरी; तय किया गया 83,977 करोड़ रुपए का नया बजट | April 18, 2026