Latest देश चाणक्य नीति :- परिश्रम से ही फल मिलता है Lok Swaraj24 April 10, 2024 Spread the loveउद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम | मौनेन कलहो नास्ति जागृतस्य च न भयम || यहां आचार्य चाणक्य आचरण की चर्चा करते हुए कहते हैं कि उद्यम से दरिद्रता तथा जाप से पाप दूर होता है | मौन रहने से कलह और जागते रहने से भय नहीं होता | आशय है कि परिश्रम- उद्यम करने से गरीबी नष्ट होती है | अत: व्यक्ति को श्रम करना चाहिए ताकि जीवन सम्पन्न हो सके | भगवान् का नाम जपने से पाप दूर होते हैं, मन और आत्मा की शुद्धि होती है शुद्ध कर्म की प्रेरणा मिलती है, व्यक्ति दुष्कर्म से दूर होता है | चुप रहने से झगड़ा नहीं बढ़ता और अप्रिय स्थितियाँ टल जाती हैं तथा जागते रहने से किसी चीज का डर नहीं रहता क्योंकि सजगता से व्यक्ति चीजों को खतरे से पूर्व ही संभाल सकता है | Post navigation Previous भिलाई के पास बस हादसे में केडिया कंपनी के 15 कर्मचारियों की मौत, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दुख जतायाNext चैत्र नवरात्र का दूसरा दिन:- मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित Related Stories मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में पालघर में तीसरी पर्वतीय सुरंग में आरपार खुदाई का काम पूरा FEATURED देश मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में पालघर में तीसरी पर्वतीय सुरंग में आरपार खुदाई का काम पूरा June 2, 2026 अंक सत्यापन, उत्तर पुस्तिका पुनर्मूल्यांकन के लिए सीबीएसई का ऑनलाइन पोर्टल लाइव FEATURED देश अंक सत्यापन, उत्तर पुस्तिका पुनर्मूल्यांकन के लिए सीबीएसई का ऑनलाइन पोर्टल लाइव June 2, 2026 जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति माशाटाइल से की मुलाकात FEATURED देश जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति माशाटाइल से की मुलाकात June 2, 2026