भिलाई । वार्ड 14 शांति नगर के युवा पार्षद अभिषेक मिश्रा जो कि भिलाई नगर विधानसभा के युवा विधायक देवेन्द्र यादव के कट्टर समर्थक भी है, उनके द्वारा अपने लेटर हेड पर एक शिकायत पत्र महापौर, आयुक्त,अतिरिक्त तहसीलदार भिलाई नगर, जोनआयुक्त वैशाली नगर व राजस्व निरीक्षक कोहका को सौंपा है कि शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 6921 क्षेत्रफल 0.160 हेक्टेयर को संरक्षित कर घेराबंदी करें।
यह जगह कृपाल नगर वार्ड 14 शांति नगर में है जो कि शासकीय भूमि और घास जमीन है। पिछले कुछ वर्षोँ से इस भूमि पर कुछ भूमाफियाओं की गिद्ध नजर गड़ी है और अवैध रूप से कही और का खाता यहां बैठाकर अधिकारियों की मिलीभगत से उक्त भूमि का रिजस्ट्री करा लिया गया है। इस भूमि पर हुए अवैध कब्जे को हटाकर, शासकीय भूमि को शासन द्वारा घेराबंदी कर सुरक्षित करते हुए इस मामले में उचित कार्यवाही करें।
उधर इस मामलें में कांग्रेस पार्षद अभिषेक मिश्रा की शिकायत पर अतिरिक्त तहसीलदार भिलाई नगर द्वारा राजस्व निरीक्षक कोहका को स्थल निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है। इस मामले में गठित टीम एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
उधर इस मामले की भनक पार्षद के अलावा क्षेत्रवासियों को भी हो गई है, वह भी इस मामले को लेकर कलेक्टर के समक्ष अपनी बात रखेंगे और भूमाफियाओं के मंसूबों को पूरा नही होने देंगे। इस मामले की शिकायत स्थानीय लोगों के द्वारा भी पीएमओ कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय व राजस्व मंत्री व नगरीय निकाय मंत्री के साथ ही राज्यपाल से भी टवीट कर के शिकायत की गई है। उधर अतिरिक्त तहसीलदार से इस संबंध में जब जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले में हम नगर निगम केा भी पत्र लिख रहे है कि वहां किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न हो।
इस पर निगम अपना सतत निगरानी रखे और यदि इस पर कुछ निर्माण हो गया हो तो उनसे जुर्माना भी वसूला जायेगा। शासकीय भूमि या घास भूमि पर केाई भी अवैध कब्जा नही कर सकता। यहां यह बताना लाजिमी है कि कोहका, कुरूद की जमीनें सबसे अधिक विवादित है। इस ओर कलेक्टर और दुर्ग संभाग के कमिश्नर को संज्ञान लेना चाहिए। करोडों अरबों की जमीन पर आखिरकार भूमाफिया कैसे कब्जा कर सकता है। चूंकि प्रदेश की मुखिया भूपेश बघेल की अनेकों जनकल्याणकारी योजनाओं पर ऐसे में बडा झटका लग सकता है।
