देश प्रेरक प्रसंग:- निंदक नियरे राखिये Lok Swaraj24 May 14, 2024 Spread the loveविनोबाजी अपने पत्रों को संभालकर रखते थे और उन सबका यथावत् उत्तर भी दिया करते थे | एक दिन उनके पास गाँधीजी का एक पत्र आया, तो उन्होंने उसे पढ़कर फाड़ दिया | समीप ही श्री कमलनयन बजाज भी बैठे थे | उन्हें यह देख आश्चर्य हुआ | वह अपने उद्वेग को दबा न सके और उन्होंने उन फाड़े टुकड़ों को जोड़कर पढ़ा तो उसे विनोबाजी की प्रशंसा से ओत-प्रोत पाया | उसमें लिखा था – “आपके समान उच्च आत्मा मैंने और कहीं नहीं देखा |” साश्चर्य बजाजजी ने पूछा- “आपने यह पत्र फाड़ क्यों दिया ? सही बात जो लिखी थी | इसे संभालकर रखना था | “ सस्मित विनोबाजी ने उत्तर दिया, “यह पत्र मेरे लिए बेकार है, अत: मैंने फाड़ डाला | पूज्य बापू ने अपनी विशाल दृष्टि से मुझे जैसा देखा, इस पत्र में लिख दिया है, पर मेरे दोषों की उन्हें कहाँ खबर ? मुझे तो आत्म-प्रशंसा बिल्कुल पसंद नहीं | हाँ ! कोई मेरे दोष बतावे, तो मैं बराबर उनका ख्याल करूँगा | Post navigation Previous पेट्रोल-डीजल की कीमत स्थिर, कच्चा तेल 84 डॉलर प्रति बैरल के करीबNext छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रारंभ Related Stories शास्त्र और शस्त्र के महानायक: भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव देश शास्त्र और शस्त्र के महानायक: भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव April 19, 2026 परशुराम जन्मोत्सव से गंगा अवतरण तक: अक्षय तृतीया का दिव्य इतिहास देश परशुराम जन्मोत्सव से गंगा अवतरण तक: अक्षय तृतीया का दिव्य इतिहास April 19, 2026 इतिहास के पन्नों में 20 अप्रैल : क्रूरतम तानाशाह ‘एडोल्फ हिटलर’ का जन्मदिन FEATURED देश इतिहास के पन्नों में 20 अप्रैल : क्रूरतम तानाशाह ‘एडोल्फ हिटलर’ का जन्मदिन April 19, 2026