इस तकनीक से ग्राफिक्स, फोटो एडिटिंग समेत नेताओं के भाषणों का लाइव अनुवाद तक संभव है। इसमें अलग से किसी व्यक्ति की जरूरत नहीं पड़ती। कुछ शब्दों की कमांड और मांगी गई सूचना पलक झपकते आपके सामने आ जाती है। नेता ही नहीं, चुनाव आयोग भी एआई जेनरेटेड कॉल से मतदाताओं से वोट करने की अपील कर रहा है।
लोकसभा चुनाव में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का भी इस्तेमाल हो रहा है। इस तकनीक से ग्राफिक्स, फोटो एडिटिंग समेत नेताओं के भाषणों का लाइव अनुवाद तक संभव है। इसमें अलग से किसी व्यक्ति की जरूरत नहीं पड़ती। कुछ शब्दों की कमांड और मांगी गई सूचना पलक झपकते आपके सामने आ जाती है। नेता ही नहीं, चुनाव आयोग भी एआई जेनरेटेड कॉल से मतदाताओं से वोट करने की अपील कर रहा है।
दिल्ली में पार्टियों व उम्मीदवारों के प्रचार अभियान से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञ बताते हैं कि इस वक्त नेताओं का भाषण तैयार करने में एआई मददगार बन रहा है। इसमें एआई आधारित जीपीटी (जेनरेटिव प्री-ट्रेन्ड ट्रांसफॉर्मर) मददगार बना है। विषय व क्षेत्र विशेष पर कंटेंट तैयार करने की कमांड देते ही सामने पूरा लेख आ जाता है। इसी काम के लिए पहले घंटों का वक्त लगता था। गलतियां होने की भी आशंका बनी रहती थी। जबकि एआई आधारित जीपीटी में ऐसा संभव नहीं। सभी जरूरी आंकड़े एकदम सटीक मिलते हैं। इससे ई-मेल, कैप्शन आदि भी तैयार करने की मदद मिलती है। इसके साथ कंटेंट तैयार करने व व कार्टून-इमेज बनाने में भी एआई कारगर है। मनचाहे पोस्टर व कार्टून, मीम चुटकियों में निकल आते हैं। दिलचस्प यह है कि एआई से किसी दिवंगत नेता की आकृति को असली जैसा दिखाया जा सकता है।
भाषण का रीयल टाइम अनुवाद
एआई के ऑडियो मॉडल के जरिये चुनावी रैलियों के भाषणों को हिंदी के अलावा अन्य भाषी वर्गों तक पहुंचाया जा रहा है। इसमें ऐसी सुविधाएं हैं, जो लाइव चल रहे भाषणों को रियल टाइम अनुवाद कर अन्य भाषाओं में बदल रही है। प्रधानमंत्री इसके लिए भाषिणी नामक एआई टूल का इस्तेमाल करते हैं। इससे उनके हिंदी भाषणों को रीयल टाइम में तमिल, तेलुगू समेत दूसरी भाषा में प्रसारण हो रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक अभी शत प्रतिशत सही अनुवाद नहीं कर रही है। इसलिए कई बार भाषणों की जांच कर इसे आधे घंटे बाद जारी किया जाता है।
आने वाले कुछ सालों में एआई बहुत एडवांस हो जाएगा। वह वीडियो भी जनरेट कर लेगा। इस चुनाव में एआई जेनरेटेड वीडियो नजर आ रहा हैं। आगे उम्मीदवार व नेता बिना बोले भी वीडियो में कुछ कहते नजर आएंगे।
डांस करते दिखे मोदी-राहुल आप के कैंपेन में एआई
सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टेज शो पर डांस करते नजर आए। यह एआई की ही देन है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसे वीडियो में बस एक फोटो की आवश्यकता होती है। उसे किसी अन्य मौजूदा वीडियो पर रखा जाता है, फिर एआई अपना काम करता है। वह अपने आप चेहरे को स्कैन कर उसकी जगह दूसरा चेहरा लगा देता है। वहीं, राहुल गांधी, मोदी, समेत कई अन्य नेताओं के एआई गाने वायरल हैं। इन पुराने मशहूर गीतों की खास बात यह है कि इन्हें सुनकर ऐसा लगता है कि खुद राहुल-मोदी गा रहे हों। उधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद से उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर मीम्स, फोटो व वीडियो की बाढ़ ही ला दी थी। यह एआई से संभव हो पाया था।
