रायपुर। आरएसएस के द्वारा क्रिसमस भोज के आयोजन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा का असर है कि धर्म से धर्म को लड़ाने वाले लोगों को मंदिर और गिरिजा की याद आने लगी है। मोदी सरकार की नाकामी, वादाखिलाफी और गिरती साख को बचाने के लिए आरएसएस के प्रमुखों को अब शाखा को छोड़कर मस्जिद में सजदा करने और क्रिस्मस भोज के आयोजन करने पड़ रहे हैं। 1947 के पहले और आजादी के बाद जो आरएसएस हिंदुओं के रक्षक होने का दंभ भरती थी और अन्य धर्म को हीनभावना से देखती थी, आज आजादी के 75 वर्ष बाद उन्हें अपने विचार को बदलना पड़ रहे हैं, अपने चोला को उतारना पड़ रहा है और भाजपा को वोट दिलाने के लिए नाना प्रकार के प्रयोजन करने पड़ रहे हैं।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अच्छा लगता है जब आरएसएस के प्रमुख अन्य धार्मिक स्थलों में जाते हैं और शीश नवाते हैं। जब आरएसएस के प्रमुख शाखा से बाहर निकल कर अन्य धार्मिक स्थलों में शीश नवाने जाते हैं चाहे वह मस्जिद हो या चर्च तब उनके मन मस्तिष्क में बैठा वैमनस्यता का भाव नफरत का भाव खत्म होता है। भारत वसुधैव कुटुंबकम की नीति पर चलने वाले देश हैं और आरएसएस उनके अनुवांशिक संगठनों ने हमेशा भारत के मुसलमानों को ईसाईयो को दोयम दर्जे की नजरों से देखा है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस का यह भाव मात्र 2024 लोकसभा चुनाव को देखते हुए बदला है लेकिन देश के हिंदू समाज के आगे आरएसएस का बहरूपिया चेहरा सामने आ गया है और देश के नौजवान, युवा पीढ़ी आरएसएस के बहकावे में आकर हिंदू मुस्लिम के विवादों में फंसते है, उन्हें अब सचेत सतर्क रहना चाहिए। असल में भाजपा को लाभ दिलाने के लिए आरएसएस और उनके अनुवांशिक संगठन हमेशा हिंदू, मुस्लिम का उन्माद और विवाद उत्पन्न करते हैं ताकि देश का युवा भटक जाए और भाजपा को वोट करें। युवाओं को समझना होगा यह देश भारतीयों का है और भारतीयों की एकता और अखंडता में ही देश विकास की ओर आगे बढ़ेगा। हमें आपस में बैर नहीं रखना है।
