देश 1 जून विशेष:- अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस Lok Swaraj24 June 1, 2024 Spread the love बच्चें ही देश का भविष्य है, बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने लाने हेतु अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है| अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस दुनियाभर में प्रतिवर्ष 1 जून को मनाया जाता है। यह दिन उन बच्चों को समर्पित है, जो युद्ध, गरीबी, शोषण एवं अन्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में इस दिवस के माध्यम से इन बच्चों के अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, बाल शोषण और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने और उनके जीवन में सुधार लाने का मौका मिलता है। यह दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सभी बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और खुश रहने का अधिकार है। उद्देश्य इस दिवस को मनाने का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए लोगों का ध्यान आकर्षित करना, दुनिया भर के बच्चों की भलाई और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करना। इसके अलावा यह दिन बाल शोषण, बाल मजदूरी जैसे खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के प्रति हमारी जिम्मेदारी को उजागर करने का अवसर प्रदान करता है। इतिहास अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस का इतिहास 1949 से शुरू होता है। इस दिवस को मनाये जाने का निर्णय रूस के मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय महिला लोकतांत्रिक संघ की एक विशेष बैठक में लिया गया। इस महत्वपूर्ण पहल के परिणामस्वरूप 1 जून 1950 को दुनिया भर के 51 देशों में पहली बार “अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस” मनाया गया था। इसके साथ ही इस दिवस को ख़ास बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। तब से लेकर यह दिवस हर साल मनाया जा रहा है। आयोजन एवं कार्यक्रम: रूस की राजधानी मॉस्को में इस दिन भांति-भांति की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं जिनमें बच्चों को पुरस्कार बांटे जाते हैं। नृत्य-संगीत कार्यक्रम भी होते हैं और साथ ही विभिन्न प्रदर्शनियां तथा ज्ञानवर्धक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। 2007 से “अंतर्राष्ट्रीय बाल-रक्षा दिवस” पर क्रेमलिन के “महागिरजा चौक” पर मॉस्को के स्कूल छात्रों के लिए घुड़सवार और पैदल प्रहरियों की ड्यूटी बदलने की समारोही परेड होती है जिसमें राष्ट्रपति रेजिमेंट के सैनिक भाग लेते हैं। 2013 में क्रेमलिन अश्वारोहण विद्यालय के किशोर छात्रों ने भी इस समारोह में भाग लिया था। Post navigation Previous शिक्षाप्रद कहानी:- अर्जुन का अभिमानNext सारे चुनौतियों को पराजित कर बने पहले भारतीय आईएएस Related Stories रामेश्वर-परादीप तटीय राजमार्ग को मंजूरी, ओडिशा में 8,300 करोड़ की मेगा सड़क परियोजना FEATURED देश रामेश्वर-परादीप तटीय राजमार्ग को मंजूरी, ओडिशा में 8,300 करोड़ की मेगा सड़क परियोजना June 3, 2026 दिल्ली‑एनसीआर में पुराने ट्रक‑बस बदलने की 9,585 करोड़ की योजना को मंजूरी FEATURED देश दिल्ली‑एनसीआर में पुराने ट्रक‑बस बदलने की 9,585 करोड़ की योजना को मंजूरी June 3, 2026 33 दिन में 30 हजार पार पहुंची आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा इनर लाइन परमिट की संख्या FEATURED देश 33 दिन में 30 हजार पार पहुंची आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा इनर लाइन परमिट की संख्या June 3, 2026