देश प्रेरक प्रसंग :- नकलचियों की दशा Lok Swaraj24 June 4, 2024 Spread the loveस्वामी दयानन्द के पाखंड – खंडन से चिढ़कर पूना के पोंगापंथी पाखंडियों ने उन्हें अपमानित करने तथा चिढ़ाने के लिए एक जुलुस निकाला | उन्होंने एक नकली दयानन्द बनाकर चूना और कालिख से उसका मुँह रंगकर गधे पर बिठाकर जुलूस के आगे रखा था और लोग पीछे- पीछे उस पर दयानन्द के नाम से तरह-तरह की व्यंग्य बौछार करते तथा तालियाँ बजाते चल रहे थे | दयानन्द के शिष्यों से न रहा गया | वे स्वामीजी के पास गए और कहने लगे कि यदि अनुमति मिले, तो इन पाखंडियों को उचित सजा वे दे सकते हैं | इस पर स्वामीजी बड़े ही सहज भाव से समझाते हुए बोले, “इसमें सजा देने की क्या बात ? दूसरे की नकल करनेवालों की जो दशा होती है, वह बेचारे नकली दयानन्द की हो रही है | यह क्रोध करने का नहीं, शिक्षा लेने का विषय है | “ Post navigation Previous Delhi : आज आने वाले चुनाव नतीजे तय करेंगे कई नेताओं का कद, कुछ की होगी अंतिम पारी; भाजपाई इसलिए हैं गदगदNext कैसे नरेन्द्र मोदी ने जीता देश की जनता का अभूतपूर्व विश्वास? Related Stories नाबालिग अवस्था में भारत में दाखिल पाकिस्तानी नागरिक को कानूनी प्रक्रिया के बाद पाकिस्तान भेजा गया FEATURED देश नाबालिग अवस्था में भारत में दाखिल पाकिस्तानी नागरिक को कानूनी प्रक्रिया के बाद पाकिस्तान भेजा गया September 2, 2026 तेलंगाना का ‘गोल्लाला गुड़ी’ मंदिर राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित FEATURED देश तेलंगाना का ‘गोल्लाला गुड़ी’ मंदिर राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित September 2, 2026 सीहोर में देश की सबसे बड़ी पॉवर ट्रांसफॉर्मर यूनिट शुरू, शुक्रवार को पहले ट्रांसफॉर्मर का होगा रोल-आउट FEATURED देश सीहोर में देश की सबसे बड़ी पॉवर ट्रांसफॉर्मर यूनिट शुरू, शुक्रवार को पहले ट्रांसफॉर्मर का होगा रोल-आउट September 2, 2026