देश प्रेरक प्रसंग :- नकलचियों की दशा Lok Swaraj24 June 4, 2024 Spread the loveस्वामी दयानन्द के पाखंड – खंडन से चिढ़कर पूना के पोंगापंथी पाखंडियों ने उन्हें अपमानित करने तथा चिढ़ाने के लिए एक जुलुस निकाला | उन्होंने एक नकली दयानन्द बनाकर चूना और कालिख से उसका मुँह रंगकर गधे पर बिठाकर जुलूस के आगे रखा था और लोग पीछे- पीछे उस पर दयानन्द के नाम से तरह-तरह की व्यंग्य बौछार करते तथा तालियाँ बजाते चल रहे थे | दयानन्द के शिष्यों से न रहा गया | वे स्वामीजी के पास गए और कहने लगे कि यदि अनुमति मिले, तो इन पाखंडियों को उचित सजा वे दे सकते हैं | इस पर स्वामीजी बड़े ही सहज भाव से समझाते हुए बोले, “इसमें सजा देने की क्या बात ? दूसरे की नकल करनेवालों की जो दशा होती है, वह बेचारे नकली दयानन्द की हो रही है | यह क्रोध करने का नहीं, शिक्षा लेने का विषय है | “ Post navigation Previous Delhi : आज आने वाले चुनाव नतीजे तय करेंगे कई नेताओं का कद, कुछ की होगी अंतिम पारी; भाजपाई इसलिए हैं गदगदNext कैसे नरेन्द्र मोदी ने जीता देश की जनता का अभूतपूर्व विश्वास? Related Stories इतिहास के पन्नों में 20 अप्रैल : क्रूरतम तानाशाह ‘एडोल्फ हिटलर’ का जन्मदिन FEATURED देश इतिहास के पन्नों में 20 अप्रैल : क्रूरतम तानाशाह ‘एडोल्फ हिटलर’ का जन्मदिन April 19, 2026 बजट सत्र के बाद संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित; नौ विधेयक पारित, उत्पादकता उच्च बनी हुई है। FEATURED देश बजट सत्र के बाद संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित; नौ विधेयक पारित, उत्पादकता उच्च बनी हुई है। April 18, 2026 कैबिनेट ने क्षमता और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 24,815 करोड़ रुपये की रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी FEATURED देश कैबिनेट ने क्षमता और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 24,815 करोड़ रुपये की रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी April 18, 2026