देश प्रेरक प्रसंग :- नकलचियों की दशा Lok Swaraj24 June 4, 2024 Spread the loveस्वामी दयानन्द के पाखंड – खंडन से चिढ़कर पूना के पोंगापंथी पाखंडियों ने उन्हें अपमानित करने तथा चिढ़ाने के लिए एक जुलुस निकाला | उन्होंने एक नकली दयानन्द बनाकर चूना और कालिख से उसका मुँह रंगकर गधे पर बिठाकर जुलूस के आगे रखा था और लोग पीछे- पीछे उस पर दयानन्द के नाम से तरह-तरह की व्यंग्य बौछार करते तथा तालियाँ बजाते चल रहे थे | दयानन्द के शिष्यों से न रहा गया | वे स्वामीजी के पास गए और कहने लगे कि यदि अनुमति मिले, तो इन पाखंडियों को उचित सजा वे दे सकते हैं | इस पर स्वामीजी बड़े ही सहज भाव से समझाते हुए बोले, “इसमें सजा देने की क्या बात ? दूसरे की नकल करनेवालों की जो दशा होती है, वह बेचारे नकली दयानन्द की हो रही है | यह क्रोध करने का नहीं, शिक्षा लेने का विषय है | “ Post navigation Previous Delhi : आज आने वाले चुनाव नतीजे तय करेंगे कई नेताओं का कद, कुछ की होगी अंतिम पारी; भाजपाई इसलिए हैं गदगदNext कैसे नरेन्द्र मोदी ने जीता देश की जनता का अभूतपूर्व विश्वास? Related Stories मध्य प्रदेश के सिंगरौली में महसूस किए गए 3.5 तीव्रता के भूकंप के झटके FEATURED देश मध्य प्रदेश के सिंगरौली में महसूस किए गए 3.5 तीव्रता के भूकंप के झटके October 17, 2026 केरल की अरुंधती ने मुख्यमंत्री योगी को अपनी शादी में बुलाने के लिए लिखा भावुक पत्र FEATURED देश केरल की अरुंधती ने मुख्यमंत्री योगी को अपनी शादी में बुलाने के लिए लिखा भावुक पत्र October 17, 2026 लोकतंत्र व न्यायपालिका को डराने की कोशिश कर रही कांग्रेसः भाजपा FEATURED देश लोकतंत्र व न्यायपालिका को डराने की कोशिश कर रही कांग्रेसः भाजपा October 17, 2026