देश चाणक्य नीति:- लक्ष्मी का वास Lok Swaraj24 June 5, 2024 Spread the love मुर्खा: यत्र न पूज्यंते धान्यं यत्र सुसंचितम | दांपत्यों: कालहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता || आचार्य चाणक्य यहां विद्वानों एवं स्त्री के सम्मान में खुशहाली एवं शांति की स्थिति का प्रतिपादन करते हुए कहते हैं कि जहां मूर्खों का सम्मान नही होता, अन्न का भंडार भरा रहता है और पति -पत्नी कलह नहीं हो, वहां लक्ष्मी स्वयं आती है | आशय यह है कि जिन घरों में कोई भी व्यक्ति मूर्ख नहीं होता, अनाज – खाद्य पदार्थ आदि के भंडारण भरे रहते हैं तथा पति पत्नी में आपस में कोई लड़ाई -झगड़ा, मनमुटाव नही रहता | ऐसे घरों में सुख -शांति, धन -संपत्ति आदि सदा बनी रहती है | इसीलिए यह कहा जा सकता है कि यदि देश की समृद्धि और देशवासियों की संतुष्टि अभीष्ट है तो मूर्खों के स्थान पर गुणवान व्यक्तियों को आदर देना चाहिए | बुरे दिनों के लिए अन्न का भंडारण करना चाहिए | तथा घर -गृहस्थ में वाद विवाद का वातावरण नही बनने देना चाहिए | जब विद्वानों का आदर और मूर्खों तिरस्कार होगा | अन्न की प्रचुरता होगी तथा पति पत्नी में सदभाव होगा तो गृहस्थों के घरों अथवा देश में संपत्ति उत्तरोत्तर बढ़ती ही जायेगी – इसमें संदेह नहीं हो सकता और यही आचरण व्यक्ति और देश को समुन्नत करने में सहायक होगा | Post navigation Previous Election Results : दिल्ली के 162 में से 148 उम्मीदवारों की जमानत जब्त, भाजपा की आंधी में पूर्व मंत्री भी पस्तNext पर्यावरण दिवस पर विशेष:- धरती, हम लोग और हमारा भविष्य Related Stories राष्ट्रपति के साथ तीन देशों की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुईं केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन बंभाणिया FEATURED देश राष्ट्रपति के साथ तीन देशों की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुईं केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन बंभाणिया July 20, 2026 मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री ने सांसदों से की सार्थक चर्चा की अपील FEATURED देश मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री ने सांसदों से की सार्थक चर्चा की अपील July 20, 2026 इतिहास के पन्नों में 21 जुलाई : जब देश को पहली महिला राष्ट्रपति और दुनिया को पहली महिला प्रधानमंत्री मिली FEATURED देश इतिहास के पन्नों में 21 जुलाई : जब देश को पहली महिला राष्ट्रपति और दुनिया को पहली महिला प्रधानमंत्री मिली July 20, 2026