जलसंकट पर सियासत कर रही है भाजपा : आप
आप ने आरोप लगाया कि भाजपा पानी के मसले पर सियासत कर रही है। पार्टी ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल और सातों सांसद को लोगों की पीड़ा बढ़ा रहे है। उन्हें राजनीति करने की जगह गंभीर जलसंकट को हल करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
पानी के संकट के लिए साजिश कर रही भाजपा : संजय
आप ने जलसंकट के लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया। आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्लीवालों को प्यासा रखने के लिए जानबूझकर जलसंकट पैदा किया है। हरियाणा सरकार ने दिल्ली के हक का पानी रोका हुआ है। दिल्ली भाजपा के नेता जल बोर्ड के ऑफिस में तोड़फोड़ कर रहे हैं। पानी की पाइप तोड़कर सप्लाई रोक रहे हैं। उपराज्यपाल भी राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। दिल्ली ने सात सांसद भाजपा को दिए। उन्हें दिल्ली के हित के लिए काम करना चाहिए।
पानी चोरी के मामले में कार्रवाई हो : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस ने राजधानी में पेयजल संकट के मामले में उपराज्यपाल का दरवाजा खटखटाया है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पाइप लाइनों में लीकेज और पानी की चोरी के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल मंत्री के बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामले तुरंत दर्ज किए जाएं।
पानी की कटौती से लुटियन दिल्ली में गहराया जलसंकट
हरियाणा से पानी कम मिलने से लुटियन दिल्ली में भी जलसंकट गहरा गया है। देश के सबसे विशिष्ट इलाके नई दिल्ली के तिलक मार्ग और बंगाली मार्केट स्थित दो भूमिगत जलाशय (यूजीआर) के लिए जल बोर्ड ने 40 फीसदी पानी में कटौती कर दी है। इसके पीछे दलील वजीराबाद जल शोधक संयंत्र के पूरी क्षमता से काम न करने की दी गई है। इससे नई दिल्ली स्थित कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होनी शुरू हो गई है।
एनडीएमसी के अनुसार, जल बोर्ड ने उसको सूचित किया गया है कि कच्चे पानी की अनुपलब्धता के कारण वजीराबाद जल शोधक संयंत्र से पीने योग्य पानी का उत्पादन पूरी क्षमता से नहीं हो पा रहा है। इस कारण तिलक मार्ग यूजीआर और बंगाली मार्किट यूजीआर के कमांड क्षेत्र में पानी की आपूर्ति दिन में एक बार सुबह के समय में ही उपलब्ध कराई जाएगी।
एनडीएमसी ने बताया कि जल बोर्ड ने पानी कम मिलने से बंगाली मार्केट, अशोक रोड, हरिचंद माथुर लेन, कॉपरनिकस मार्ग, पुराना किला रोड, बाबर रोड, बाराखंभा, केजी मार्ग, विंडसर प्लेस, फिरोजशाह मार्ग, कैनिंग लेन और आसपास के क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी। इन इलाकों में केंद्र सरकार के कई कार्यालय हैै। इसके अलावा मंत्रियों व सांसदों के बंगले भी है। एनडीएमसी ने संबंधित इलाके के निवासियों से पानी बचाने और पानी का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करने की अपील की है। उसने तर्क दिया है कि उसके पास सीमित मात्रा में पानी है।