राजभवन में हुआ साहसी बच्चों का सम्मान, छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी की पहल
रायपुर, 26 दिसम्बर 2022/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज राजभवन में वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रदेश के साहसी वीर बालक और बालिकाओं को सम्मानित किया। इस दौरान राज्यपाल ने सम्मानित चार बहादुर बालक-बालिकाओं को स्वेच्छा अनुदान मद से आर्थिक सहायता राशि प्रदाय करने की बात कही। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के तत्वाधान में वीर बाल दिवस कार्यक्रम का आयोजन राजभवन में किया गया था। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॅा. कुलदीप सोलंकी व राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री राजेश श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में गुरू गोविन्द सिंह तथा उनके बलिदानी साहिबजादों को नमन किया। उन्होंने कहा कि सिक्खों के दसवें गुरू गोविन्द सिंह जी के साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेहसिंह जी के द्वारा 26 दिसंबर को सिक्ख धर्म के गौरव की रक्षा के लिए क्रमशः 09 और 06 वर्ष की आयु में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया गया। गुरू गोविंद सिंह के पुत्र जुझार सिंह और अजित सिंह ने भी धर्म की रक्षा में अपनी शहादत दी थी। राज्यपाल सुश्री उइके ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के प्रयासों की सराहना की जिनके द्वारा पत्राचार व अन्य माध्यमों से प्रधानमंत्री को 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित करने हेतु आग्रह किया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सिक्ख समुदाय के गौरवमयी इतिहास से भावी पीढ़ी को अवगत कराने के उद्देश्य से वीर बाल दिवस मनाने की सराहनीय पहल की है।
26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित करने के प्रयासों के विषय में सोसायटी के संयोजक डॅा. कुलदीप सोलंकी ने बताया कि सिक्खों के दसवें गुरू गोविंद सिंह के 4 पुत्रों के बलिदान व अदम्य साहस के विषय में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर बार बार अलग अलग माध्यमों से ये आ्ग्रह किया गया कि इस दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित किया जाए और अंततः 9 जनवरी 2022 को इसे भारत सरकार ने राजपत्र में प्रकाशित किया। इसके अलावा डॅा. कुलदीप सोलंकी ने छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों व संस्था के उद्देश्य के विषय राज्यपाल को अवगत कराया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने बहादुर बच्चों के साहस और सूझबूझ की प्रशंसा की। राज्यपाल ने सिविल सेवा सोसायटी की पुरस्कार के माध्यम से बच्चों के उत्साहवर्धन करने की पहल की सराहना की।इस अवसर पर सोसायटी के संरक्षक डॅा. पु्र्णेंदु सक्सेना व अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिहं केम्बो ने भी सम्बोधित किया।
