टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालक कैब एग्रीगेटर सेवाओं से बेहतर भुगतान की मांग के लिए हड़ताल कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनियां उनसे अधिक कमीशन ले रही हैं। ई-रिक्शा चालकों की वजह से भी नुकसान हो रहा है। इस पर केंद्र और राज्य सरकार रोक लगाएं।
राजाधीन में एप आधारित ऑटो और कैब चालक दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। इसमें 15 से अधिक ऑटो और टैक्सियों के यूनियन शामिल हैं। हड़ताल के पहले दिन गुरुवार यानी कल एप आधारित ऑटो और कैब चालकों के कई संगठनों की हड़ताल के कारण यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर राजधानी के रेलवे स्टेशनों व एयरपोर्ट पर देखने को मिला। शुक्रवार यानी आज भी हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
