नई दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक दिवसीय ‘स्टेट लेवल वर्कशॉप ऑन द इफेक्टिव इम्प्लीमेंटेशन ऑफ पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट’ कार्यशाला में भाग लिया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पीसी एंड पीएनडीटी ऑनलाइन पोर्टल को लॉन्च किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल (https://pcpndt.delhi.gov.in/) के शुरू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रूण जांच की सख्त निगरानी होगी। यह पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट) के प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पोर्टल रियल टाइम में डायग्नोस्टिक केंद्रों की निगरानी करेगा, जिससे मैन्युअल प्रक्रिया को डिजिटल सिस्टम से बदलकर जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इस पोर्टल के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी डायग्नोस्टिक सेंटर कानून का पालन करें और अल्ट्रासाउंड तकनीक का दुरुपयोग लिंग जांच में न हो।
यह पोर्टल अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों के लिए फॉर्म-एफ ऑनलाइन भरने, लोगों के लिए शिकायत दर्ज करने, जांच और कार्रवाई की डिजिटल निगरानी करने और नियमों के पालन की रियल टाइम जानकारी देने की सुविधा देगा। इससे सरकार को डायग्नोस्टिक सेंटर्स पर निगरानी रखना और नियम लागू करना आसान और असरदार होगा।
इस मौके पर मंत्री ने लिंग समानता और बालिका सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस डिजिटल पहल के सफल लॉन्च के लिए अधिकारियों को बधाई दी और कहा कि यह दिल्ली के लिंगानुपात (922) में सुधार में मदद करेगा। साथ ही उन्होंने उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि ‘लिंग जांच का मुद्दा समाज के लिए एक अभिशाप है, जो वर्षों से गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। दिल्ली देश की राजधानी है, इसलिए दिल्ली से एक सकारात्मक संदेश पूरे देश में जाए। मुझे भरोसा है कि यह पहल दिल्ली का लिंगानुपात सुधारने और लैंगिक भेदभाव खत्म करने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस पोर्टल पर आने वाली सभी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई हो और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
इस कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि लिंग जांच के मुद्दे पर विभाग द्वारा लगातार निगरानी, जन-जागरूकता अभियान और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में कुल 627 निरीक्षण किए गए, जिनमें 70 जांच केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 13 के निलंबन, 53 के पंजीकरण रद्द एवं 22 अल्ट्रासाउंड मशीनें सील की गई।
इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर, पीसी एंड पीएनडीटी के नोडल अधिकारी, इस क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस अधिनियम के सख्त क्रियान्वयन और जन-जागरुकता बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यशाला में महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान, विचार-विमर्श और बेहतरीन कार्यप्रणाली को साझा किया गया।
