रात को सोने से पहले फोन का इस्तेमाल करने से आपकी नींद की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ सकता है। एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि सोने से पहले फोन देखने से हर उम्र के लोगों को नुकसान हो सकता है। करीब दो साल तक चली और 1.22 लाख लोगों पर आधारित इस रिसर्च में यह पाया गया है कि इस आदत से नींद की गुणवत्ता 33 प्रतिशत तक खराब हो जाती है।
एक लाख से ज्यादा लोगों पर हुई रिसर्च
JAMA जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी में करीब 1.22 लाख लोगों के सोने से पहले फोन देखने की आदत का विश्लेषण किया गया। स्टडी के दौरान यह देखा गया कि जो लोग रात को सोने से पहले फोन या अन्य स्क्रीन डिवाइस का उपयोग करते हैं, उनकी नींद की गुणवत्ता सामान्य से कहीं ज्यादा खराब होती है।
अब तक की सबसे बड़ी रिसर्च
यह अब तक की सबसे बड़ी स्टडी है, जिसमें न केवल नींद के समय पर बल्कि नींद की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभावों को भी परखा गया है। रिसर्च से पता चला है कि फोन देखने से वीकेंड की बजाय वीकडेज़ में नींद का औसत समय अधिक प्रभावित होता है। इसका मतलब यह है कि कम नींद से न सिर्फ आपकी शारीरिक सेहत पर असर पड़ सकता है, बल्कि काम पर भी इसका बुरा प्रभाव हो सकता है, जिससे आपकी प्रोडक्टिविटी कम हो सकती है। स्टडी में यह भी सामने आया कि फोन का इस्तेमाल करने से लोग हर हफ्ते औसतन 50 मिनट कम सोते हैं।
