नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन की कार्यवाही बाधित करने पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (आआपा) के 12 विधायकों को सदन से निष्कासित कर दिया। उन्हें मार्शलों ने जबरन सदन से बाहर निकाला।
आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। आआपा विधायकों ने हाथ में कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग वाले प्ले कार्ड लेकर सदन की वेल में नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बार-बार मना करने के बावजूद आआपा विधायकों का हंगामा जारी रहा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने आआपा के 12 विधायकों को मार्शल द्वारा सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया। इन विधायकों में नेता प्रतिपक्ष आतिशी, कुलदीप कुमार, संजीव झा, सहीराम पहलवान, प्रेम कुमार चौहान, विशेष रवि, मुकेश अहलावत, अली मोहम्मद इकबाल, जरनैल सिंह, अनिल झा, सुरेंद्र कुमार और सोम दत्त शामिल हैं।
मार्शलों द्वारा हंगामा कर रहे आआपा विधायकों को सदन से बाहर निकाले जाने पर पार्टी के अन्य विधायक भी विरोध स्वरूप सदन से बाहर चले गए। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को दस मिनट तक स्थगित कर दिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में आआपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में बैनर और प्ले कार्ड लेकर कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आतिशी ने कहा कि कोर्ट ने दिल्ली दंगों में भड़काऊ भाषण के लिए कपिल मिश्रा के ख़िलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं। जब दिल्ली दंगों के सभी आरोपित तिहाड़ जेल में हैं तो क्यों दिल्ली पुलिस कपिल मिश्रा को गिरफ़्तार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कपिल मिश्रा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त क्यों नहीं कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों में भूमिका के संबंध में दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे की जांच करने का आदेश दिया है। एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन को स्वीकार कर लिया। इसके पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने भी कपिल मिश्रा के मामले में लापरवाही बरतने पर ज्योति नगर थाने के एसएचओ पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
