नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा को सौर ऊर्जा संचालित बनाने की योजना को लेकर विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बुधवार को अपने कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और विधानसभा के अधिकारी शामिल हुए और योजना को अंतिम रूप दिया गया। विधानसभा की छतों का ड्रोन से निरीक्षण करके सोलर पैनल लगाने के लिए स्थानों का पता लगाया गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को इस परियोजना पर तुरंत काम शुरू करने और इसका टेंडर अगले हफ्ते तक जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस साल का मानसून सत्र पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलेगा, जिससे देश में ऊर्जा बचत और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल जनता को भी हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 500 किलोवॉट की सौर ऊर्जा प्रणाली लगाई जाएगी, जो अगले 60 दिनों में पूरी हो जाएगी। इससे विधानसभा को दस फीसद अतिरिक्त बिजली मिलेगी। इस पहल से हर महीने करीब 15 लाख रुपये की बिजली की बचत होगी और सरकार का बिजली खर्च भी कम होगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सौर ऊर्जा से हम आत्मनिर्भर विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। यह दिल्ली विधानसभा को देशभर में एक नई पहचान दिलाएगा। हम स्वच्छ और हरित ऊर्जा के उपयोग से देश की बाकी विधानसभाओं के लिए भी मिसाल पेश करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहा है। दिल्ली विधानसभा भी सौर ऊर्जा के उपयोग से ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
