दिल्ली विधानसभा में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 134वीं जयंती के उपलक्ष्य में दिव्यांग बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि और रविंदर सिंह इंद्राज (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें संघर्ष, धैर्य और आत्मबल का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने समाज को ज्ञान का अमृत दिया और स्वयं अपमान का जहर पी गए। बाबा साहेब के संघर्षों से हमें सीखना चाहिए कि जीवन भी एक दौड़ है—यदि हम बिना थके चलते रहे, तो मंजिल जरूर मिलती है।
विजेंद्र गुप्ता ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। गुप्ता ने इस अवसर पर महात्मा ज्योतिबा फुले को पुष्पांजलि अर्पित की। गुप्ता ने कहा कि यह आयोजन केवल एक रचनात्मक क्रियाकलाप नहीं, बल्कि बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब का योगदान सिर्फ संविधान निर्माता के रूप में नहीं बल्कि एक क्रांतिकारी समाज सुधारक के रूप में भी अमूल्य है। उनके विचार आज भी हर बदलाव, हर आंदोलन में जीवंत हैं।
चित्रकला प्रदर्शनी पर अपने विचार रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि शब्दों के बिना बोलने वाली कला, बाबा साहेब के विचारों को रंगों के माध्यम से जीवंत करती है। एक रेखाचित्र हजार शब्दों से अधिक असरदार होता है।
दिल्ली सरकार के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग मंत्री रविंद्र सिंह इंद्राज ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचारों और दीनदयाल के अंत्योदय को आगे बढ़ाते हुए दिव्यांग बच्चों के लिए स्केच प्रतियोगिता का आयोजन किया है। इसमें बच्चों का टैलेंट उभर कर सामने आएगा। इंद्राज ने शिक्षा जगत में क्रांति लाने वाले महात्मा फुले और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में पूरे सप्ताह को सेवा के रूप में मनाने की बात कही। चित्रकला प्रतियोगिता में दिव्यांग छात्रों ने बाबा साहेब के जीवन और उनके आदर्शों को रंगों से उकेरा। यह आयोजन बाबा साहेब के जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर रहा।
