नई दिल्ली। राजधानी में बढ़ती गर्मी और लू की चेतावनी के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने सोमवार को हीट एक्शन प्लान 2025 लॉन्च किया, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए व्यापक उपायों की रूपरेखा दी गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में इस प्लान को जारी किया। इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के प्रकोप से दिल्लीवासियों को सुरक्षित रखने के लिए यह एक निर्णायक कदम है। सभी अस्पतालों को 24×7 आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने और बुज़ुर्गों व बच्चों के लिए विशेष उपचार एवं देखभाल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार की हर नागरिक की सुरक्षा एवं उसे अच्छी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना प्राथमिकता है। इसके तहत दिल्ली में 3000 डिजिटल वाटर एटीएम लगाए जाएंगे और 1800 आपदा मित्र तैनात किए जाएंगे। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाए जाएंगे।
एक्शन प्लान में कहा गया है कि शिक्षा विभाग गर्मी से संबंधित बीमारियों की रोकथाम पर पोस्टर प्रदर्शित करे और पर्चे वितरित किए जाएं। खुले में कक्षाएं नहीं चलाई जाएं। स्कूल शिक्षकों को गर्मी से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें और गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण आयोजित करें, जिन्हें वे कक्षाओं में प्रसारित कर सकें।
स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में ओआरएस का भंडारण और अस्पताल में वार्ड और बिस्तर की व्यवस्था करें। लू के दौरान मरीजों की आमद को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती करना, अस्पतालों और डिस्पेंसरियों के आसपास लू से संबंधित बीमारियों की रोकथाम के सुझाव और गर्मी से बचने के तरीके प्रदर्शित करना आवश्यक है। इसी तरह मरीजों को पर्याप्त उपकरणों के साथ स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं तक बेहतर आपातकालीन सहायता प्रणाली/एम्बुलेंस सक्षम करना होगा।
एक्शन प्लान के अन्य घटकों में कुछ और एहतियाती उपाय शामिल किए गए हैं। मसलन- स्थानीय निवासियों को गर्मी की चेतावनी के दौरान सलाह देने के लिए एसएमएस संदेश प्रसारित करना। प्रमुख स्थानीय आयोजनों के दौरान जन जागरूकता पैदा करने के लिए एम्बुलेंस पर डिस्प्ले बनाना। शहर के हॉट स्पॉट का पता लगाना आदि।
इसके तहत दिल्ली जल बोर्ड आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक क्षेत्रों सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। दिल्ली जल बोर्ड पानी के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था करेगा। बिजली कंपनियां दिल्ली में निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगी। सभी क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को बदलना और अपग्रेड करना तथा ढीले तारों को बदला जाएगा। अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और क्लीनिकों में बिजली आपूर्ति का विशेष ध्यान रखा जाएगा। एसी को 25 डिग्री सेंटीग्रेड पर चलाने के लिए जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया गया है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए वाहनों और अग्निशमन उपकरणों की तैयारी की जांच करेंगे। समुदाय और व्यक्ति सामुदायिक समूह, स्वयं सहायता समूह, वार्ड स्तरीय समितियां, गैर सरकारी संगठन, स्वयं सहायता समूहों और आरडब्लूए, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी और नगर पालिकाओं में वार्ड समितियों जैसे संगठनों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
वन विभाग, डीडीए, एमसीडी, एनडीएमसी, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा विभाग, एनटीपीसी, उच्च शिक्षा, डीएसआईआईडीसी, डीजेबी, बीएसईएस राजधानी में पौधरोपण की गतिविधियां को बढ़ावा देंगे। बागवानी और कृषि विभाग इन एजंसियों को पौधे उपलब्ध कराएंगे।
श्रम विभाग नियोक्ताओं, बाहरी श्रमिकों और कामगारों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करेंगे। बाहरी श्रमिकों की शिफ्ट बदली जाएंगी और पीक आवर्स से शेड्यूल बदले जाएंगे।
निर्माण श्रमिकों के लिए आपातकालीन किट (आइस पैक, ओआरएस आदि) तैयार किए जाएंगे। अत्यधिक गर्मी के स्वास्थ्य प्रभाव पर प्रशिक्षण और उच्च तापमान के दौरान लोगों को बचाने लिए उचित परामर्श जारी किए जाएंगे।
