नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया फुटबॉल एसोसिएशन (एआईएफएफ) का संविधान तैयार करने के मामले पर फैसला सुरक्षित रखा है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एल नागेश्वर राव को सौंपा था। कोर्ट ने जस्टिस एल नागेश्वर राव से आग्रह किया था कि संविधान तैयार करते समय सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सुनें और रिपोर्ट दाखिल करें। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त 2022 को एआईएफएफ का कामकाज संभालने का जिम्मा एसोसिएशन के महासचिव को दिया था। कोर्ट ने अपनी तरफ से नियुक्त प्रशासकों की कमेटी का काम पूरा हो जाने की बात कही थी।
सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई 2022 को एआईएफएफ का प्रशासन संभालने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अनिल आर दवे, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी और भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान रहे भास्कर गांगुली को इस कमेटी में शामिल किया था। प्रशासकों की इस कमेटी को नेशनल स्पोर्ट्स कोड के अनुरुप एआईएफएफ का संविधान तैयार करने में कोर्ट की मदद करने का आदेश दिया गया था।
