नई दिल्ली। तुर्किये की कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सिक्योरिटी क्लीयरेंस निरस्त करने के केंद्र के आदेश का बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में विरोध किया है। कंपनी ने दिल्ली हाई काेर्ट में कहा कि सरकार का यह आदेश गैरकानूनी और मनमाना है। जस्टिस सचिन दत्ता इस मामले पर 22 मई को भी सुनवाई करेंगे।
देश के एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग का काम करने वाली इस कंपनी का सिक्योरिटी क्लीयरेंस केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद निरस्त कर दिया था। केंद्र के इसी फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए सेलेबी ने कहा है कि भारत सरकार का फैसला भ्रमपूर्ण और बेवजह है। सरकार के इस फैसले से विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगा जाएगा और इससे 3800 भारतीय कर्मचारियों पर असर पड़ेगा। याचिका में कहा गया है कि सेलेबी पर मालिकाना हक भले ही तुर्किये का है, लेकिन इसका प्रबंधन और नियंत्रण भारतीय टीम के हाथ में है। सेलेबी ने कहा है कि भारत के एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग का उसका करीब एक दशक का ट्रैक रिकॉर्ड साफ-सुथरा रहा है।
सुनवाई के दौरान सेलेबी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि सिक्योरिटी क्लीयरेंस निरस्त करते समय न तो उन्हें नोटिस दिया गया और न ही उनका पक्ष सुना गया। रोहतगी ने एयरक्राफ्ट सिक्योरिटी रूल्स के नियम 12 का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन किया है। इस नियम के तहत नागरिक विमानन महानिदेशक सिक्योरिटी क्लियरेंस को निलंबित करते हैं और संबंधित कंपनी का पक्ष सुनते हैं। अगर महानिदेशक को लगता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है तो वो सिक्योरिटी क्लीयरेंस निरस्त कर सकते हैं।
रोहतगी ने कहा कि एयरक्राफ्ट सिक्योरिटी रुल्स के मुताबिक संबंधित कंपनी का पक्ष जानना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सेलेबी कंपनी में काम करने वाले सभी भारतीय हैं। सुनवाई के दौरान मुकुल रोहतगी ने कहा कि सार्वजनिक धारणा के आधार पर किसी का नियोजन नहीं छीना जाना चाहिए। सेलेबी कोई बदनाम कंपनी नहीं है। वो भारत में 17 सालों से काम कर रही है। रोहतगी ने कहा था कि कंपनी का सिक्योरिटी क्लीयरेंस निरस्त करने के पहले नोटिस नहीं दी गई।
इससे पहले 19 मई को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि दुश्मन दस बार कोशिश कर सकता है और एक बार सफल हो सकता है, लेकिन देश को हर बार सफल होना होगा।
