नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक दशक से भी ज्यादा समय से फरार चल रहे आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित खुद को एम्स ऋषिकेश का डॉक्टर बताता था। पकड़े गए आरोपित की पहचान डॉ. राजकुमार शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने इसके उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपित दो मामलों में वांछित था और वर्ष 2016 व 2015 में अदालत द्वारा भागोड़ा घोषित था।
पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला है कि आरोपित डॉ. राजकुमार शर्मा (52) हरिद्वार में ‘डॉक्टर साहब’ के नाम से जाना जाता था। पिछले 10 सालों से फरार था। उसने दिल्ली में दो अलग-अलग मामलों में लोगों और बैंकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया था। एक मामले में फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए वाहन ऋण लेकर सरकारी बैंक को धोखा दिया और दूसरे में 14 लाख की धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से ज़मीन बेच दी।
पुलिस अधिकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच की टीम गुप्त सूचना मिली कि आरोपित हरिद्वार में डॉक्टर के रूप में रह रहा है। 11 और 12 जून की रात पुलिस टीम ने हरिद्वार में छापा मारकर आरोपित को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय वह खुद को एम्स ऋषिकेश का डॉक्टर बता रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि पिछले कई वर्षों में उसने अपने मोबाइल नंबर, पते और पहचान बार-बार बदले ताकि वह कानून की पकड़ से बच सके।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपित डॉ. राजकुमार शर्मा का जन्म बुलंदशहर उप में 1973 में हुआ था। उसने मेघालय यूनिवर्सिटी से बी.ए. तक शिक्षा प्राप्त की है। उसका एक बेटा बी.फार्मा और बेटी एलएलबी कर रही है। पहले वह दिल्ली के बुराड़ी में मासिक पत्रिकाएं प्रकाशित करता था।
