नई दिल्ली, 17 जनवरी । अखिल भारतीय सरकारी नर्स महासंघ ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार की संख्या 51 से 15 करने की खबरों के मद्देनजर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिख कर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। महासंघ की महासचिव जीके खुराना ने पुरस्कारों की मौजूदा संख्या को बहाल करने की मांग की है ।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1973 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समाज में नर्सों और नर्सिंग पेशेवरों द्वारा प्रदान की गई सराहनीय सेवाओं को मान्यता देने के रूप में की गई थी।
अखिल भारतीय सरकारी नर्स महासंघ की महासचिव जीके खुराना ने बताया कि भारत सरकार ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 51 से 15 करने का फैसला किया है जो पूरी तरह से हतोत्साहित करने वाला कदम है। कोरोना महामारी के दौरान नर्सों ने पीड़ितों के लिए अपनी समर्पित सेवाएं प्रदान की हैं। लेकिन सरकार के इस तरह के उदासीन रवैये से नर्सों को बेहद निराशा हुई है। नर्सें इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगी।
उन्होंने कहा कि इन पुरस्कारों के लिए सभी राज्यों एवं विभागों से नर्सों का चयन किया जाता है। लेकिन सम्मान की संख्या सिर्फ 15 होने से सभी राज्यों और विभागों को स्थान नहीं मिल पाएगा। सरकार को इन पुरस्कारों की संख्या को 100 करना चाहिए लेकिन यहां इसे घटाने की बात की जा रही है।
