नई दिल्ली। दिल्ली सरकार जल संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की दिशा में कदम उठाते हुम मुनक नहर को सोलर पैनलों से ढकने की योजना पर विचार कर रही है। इस परियोजना पर विस्तृत तकनीकी अध्ययन और योजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके अगले कुछ महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना फिलहाल योजना निर्माण और व्यवहार्यता आकलन के चरण में है। इसका उद्देश्य भारी जल हानि को रोकना, स्वच्छ बिजली का उत्पादन करना और नहर के किनारे की सफाई व सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
यह जानकारी रविवार को दिल्ली सरकार ने दी। पिछले सप्ताह जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुनक नहर (दिल्ली क्षेत्र) का दौरा किया और स्थिति की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के बाद यह तय किया गया कि दिल्ली सीमा में आने वाले हिस्से में नहर के दोनों किनारों पर चार फीट ऊंची दीवार बनाई जाएगी और इनके ऊपर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
प्रवेश साहिब सिंह ने आज कहा कि मुनक नहर दिल्ली की जल आपूर्ति की जीवनरेखा है। लेकिन मौजूदा स्थिति में यह भारी जल हानि, प्रदूषण और दुर्घटनाओं का स्रोत भी बन चुकी है। इसे सोलर पैनलों से ढकने की हमारी योजना जल बचाने, स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने और नहर को सुरक्षित व आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान नहर में गंभीर जल हानि सामने आई। दो मुख्य शाखाओं—दिल्ली सब ब्रांच (डीएसबी) और कैरीयर लाइनड चैनल (सीएलसी) में काफी रिसाव और गैर-प्रभावी जल प्रवाह पाया गया।
इसके अतिरिक्त मुनक नहर के खुले और असुरक्षित हिस्सों में कचरा फेंकने और डूबने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, जो राहगीरों और आसपास के लोगों के लिए खतरा बनती जा रही हैं।
मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत दिल्ली क्षेत्र में नहर के दोनों ओर चार फीट ऊंची दीवार बनाई जाएगी और उसके ऊपर पूरी नहर को ढकते हुए सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
उन्होंने ने बताया कि मुनक नहर प्रणाली (जिसमें कैरीयर लाइनड चैनल और दिल्ली सब ब्रांच शामिल हैं) कुल 102 किलोमीटर लंबी है। इसमें से लगभग 85 किमी हरियाणा में और 17 किमी दिल्ली में स्थित है। दिल्ली सरकार इस पूरी प्रणाली विशेषकर दिल्ली खंड की रखरखाव और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए हरियाणा सरकार से सक्रिय समन्वय कर रही है।
