नई दिल्ली, 14 जुलाई । दक्षिण जिला की स्पेशल स्टाफ ने एक बड़े ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया किया है। आरोपित लोगों को नकदी के बदले बैंक में जमा पैसे एक्सचेंज करने का झांसा देकर लाखों की ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान निखिल, प्रिंसपाल, परवेज और असगर खान उर्फ अख्तर खान उर्फ बंटी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 1.25 करोड़ रुपये की डमी करेंसी (जिन पर मनोरंजन बैंग लिखा था। एक कैश काउंटिंग मशीन, 7.5 लाख नकद, 4.50 लाख बैंक में फ्रीज राशि और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
दक्षिणी जिले के डीसीपी अंकित चौहान के अनुसार छह जुलाई को एक व्यक्ति ने सीआर पार्क में शिकायत दी कि वह एक प्रॉपर्टी खरीदना चाहता था और इसके लिए अपने परिचितों से पैसे जुटाए थे। चार जुलाई को उसकी मुलाकात कुछ लोगों से हुई जिन्होंने खुद को बैंक में जमा धनराशि को नकद में बदलने वाले बताए। एक फ्लैट में उसे बुलाकर नकदी दिखाकर विश्वास में लिया और उससे 40 लाख रुपये अपने खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। बदले में उसे एक बैग में नकदी दी गई जो कैश काउंटिंग मशीन में गिनी भी गई थी। लेकिन जब उसने बैग खोला तो उसमें केवल “मनोरंजन बैंक” के नकली नोट थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल स्टाफ की टीम का गठन किया गया। इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र की देखरेख में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, व्हाट्सएप कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजेक्शन की गहराई से विश्लेषण किया गया। नौ जुलाई को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सैदुलाजाब स्थित एक फ्लैट से तीन आरोपित निखिल, प्रिंस पाल और परवेज को गिरफ्तार किया गया। अगले दिन असगर खान को भी उसी फ्लैट से दबोचा गया।मुख्य आरोपित असगर खान ने बताया कि उसे यह ठगी का तरीका एक नसीम नामक व्यक्ति ने सिखाया था। गिरोह का हर सदस्य एक निश्चित भूमिका निभाता था। क्लाइंट को “लाइनर” के माध्यम से लाया जाता, फ्लैट किराए पर लिया जाता और नकली नोटों की साजिश वहां रची जाती। कैश गिनने के दौरान असली नोटों को बेडशीट के नीचे बने छेद से गिराकर उनकी जगह डमी नोट रख दिए जाते थे।
