प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) को आज 11 साल पूरे हो गए हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहलों में से एक है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से की थी। 28 अगस्त 2014 को इस कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस अवसर को गरीबों की एक दुष्चक्र से मुक्ति का उत्सव बताया था।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना वित्तीय समावेशन पर एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य व्यापक वित्तीय समावेशन लाना और देश के सभी परिवारों को बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करना है। यह योजना बुनियादी बचत बैंक खाते की उपलब्धता, आवश्यकता-आधारित ऋण, धन प्रेषण सुविधा, बीमा और पेंशन जैसी कई वित्तीय सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करती है।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना बैंकिंग सुविधाओं तक सार्वभौमिक पहुँच के लिए एक मंच प्रदान करती है, जिसमें प्रत्येक परिवार के लिए कम से कम एक बुनियादी बैंकिंग खाता, वित्तीय साक्षरता और ऋण, बीमा एवं पेंशन सुविधाओं तक पहुँच शामिल है। यह शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लागू है, और खाता खोलने वालों को एक स्वदेशी डेबिट कार्ड (रुपे कार्ड) मिलेगा। किसी भी बैंक शाखा या बिज़नेस कॉरेस्पोंडेंट (बैंक मित्र) आउटलेट में शून्य शेष राशि पर खाता खोला जा सकता है। प्रत्येक बैंक खाता बैंकों के कोर बैंकिंग सिस्टम पर आधारित है। यूएसएसडी सुविधा का उपयोग करके मोबाइल बैंकिंग, जो बुनियादी फीचर फोन पर भी उपलब्ध है, का भी समर्थन किया जा रहा है।
