नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि मेडटेक क्षेत्र आत्मनिर्भरता के लिए एक स्वाभाविक उम्मीदवार है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए साहसिक लक्ष्य निर्धारित करने होंगे। भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन व्यापार और साझेदारी के लिए एक निर्णायक मंच के रूप में विकसित हुआ है।
गोयल ने यहां 17वें भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ग्लोबल मेडटेक शिखर सम्मेलन 2025 को संबोधित करते हुए यह बात कही। वाणिज्य मंत्री ने उद्योग से जीवंत भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार की अनुसंधान, विकास और नवाचार योजना का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने भारतीय मेडटेक उद्योग की विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौरान, उल्लेखनीय वृद्धि और लचीलेपन के लिए सराहना की। उन्होंने भारत को स्वास्थ्य सेवा में आत्मनिर्भर बनाने में इस क्षेत्र के योगदान की प्रशंसा की और इसे किफायती, उच्च-गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने में वैश्विक अग्रणी बनने का आग्रह किया।
इसके अलवा केंद्रीय मंत्री गोयल ने नई दिल्ली में सीआईआई इंडिया-अफ्रीका बिजनेस कॉन्क्लेव के 20वें संस्करण के समापन सत्र में मुख्य भाषण देते हुए कहा कि पारस्परिक लाभ के लिए भारत-अफ्रीका साझेदारी को मजबूत करने के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, “हम मिलकर कच्चे माल के निर्यात से आगे बढ़कर वैश्विक बाज़ारों के लिए मूल्यवर्धित उत्पादन की ओर बढ़ सकते हैं।”
गोयल ने कहा कि 20 साल पहले शुरू हुए इस कॉन्क्लेव के विचार ने अफ्रीकी देशों के अवसरों और क्षमताओं को उजागर किया है और साथ ही अफ्रीका एवं भारत दोनों की ताकतों को भी प्रदर्शित किया है। गोयल ने कहा कि भारत और अफ्रीका को 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लिए काम करना चाहिए, जिसमें मूल्य संवर्धन, तकनीक-संचालित कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
