धमतरी, 1 सितंबर । शहर में गणेशोत्सव का उल्लास छाया हुआ है। 27 अगस्त से प्रारंभ हुआ यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक आस्था का अनोखा संगम बन चुका है, जो छह सितंबर तक संपन्न होगा। शहर के 40 वार्डों में आकर्षक पंडालों की स्थापना की गई है, जहां मनोरम झांकियां और विद्युत सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। शाम ढलते ही शहर की सड़कों और चौक पर बनाए गए गणेश पंडालाें में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ रही है।
मठ मंदिर चौक के पास भगवान श्रीकृष्ण की लीला का मंचन लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वहीं आमापारा वार्ड में बाल कला गणेश उत्सव समिति द्वारा बनाई गई श्री खाटू श्याम की झांकी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है। यहां पर तालाब के बीच में बनाई गई झांकी को देखने का अलग ही रोमांच है। सुरक्षा के लिए यहां समिति के सदस्य तालाब पार व गणेश पंडाल के पास तैनात रहते हैं। समिति के सदस्य शैलेंद्र नाग ने बताया कि तालाब के बीचों-बीच भगवान गणेश का दर्शन करने श्रध्दालुओं में उत्साह रहता है। बालकला गणेशोत्सव समिति आमापारा के सदस्य दिलीप पटेल ने बताया कि पिछले कई दशकों से यहां गणेशोत्सव पर झांकियां सजाने की परंपरा रही है। इस बार भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से श्री श्याम खाटू की झांकी तैयार की गई है, जिसे देखने श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। इसी तरह अन्य वार्डों और पंडालों में भी धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत की गई हैं, जिन्हें देखने लोग अपने परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। धमतरी का गणेशोत्सव न केवल शहरवासियों के लिए आस्था और उत्साह का प्रतीक है, बल्कि आसपास के ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए भी यह एक आकर्षण का केंद्र बन गया है। पंडालों की आकर्षक विद्युत सजावट रात में शहर को और भी भव्य बना रही है। गणेश पंडालों में शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु धमतरी पहुंच रहे हैं। भटगांव, श्यामतराई, मुजगहन, पोटियाडीह, आमदी, रत्नाबांधा, शंकरदाह, डोंड़की और हरफ़तराई सहित कई ग्रामों से भक्तगण प्रतिदिन दर्शन और पूजन के लिए शहर का रुख कर रहे हैं। हर पंडाल स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए समिति सदस्यों द्वारा लगातार सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। प्रमुख पंडालों के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती, यातायात व्यवस्था और पार्किंग की सुविधा भी की गई है।
