आजकल स्मार्टफोन हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। दिन की शुरुआत से लेकर सोने तक हम लगातार इसका प्रयोग करते हैं। कई बार जल्दी में या मनोरंजन के चलते लोग डिवाइस को चार्ज पर लगाकर ही चलाने लगते हैं। हालांकि यह आदत मामूली लग सकती है, मगर इसके दुष्परिणाम गंभीर हो सकते हैं। आइए जानते हैं इससे होने वाले नुकसान और बचाव के उपाय:
बैटरी की सेहत पर असर
जब आप फोन को चार्जिंग पर लगाकर इस्तेमाल करते हैं, तो वह एक साथ चार्ज और डिस्चार्ज होता रहता है। इससे बैटरी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और धीरे-धीरे उसकी क्षमता घटने लगती है। लंबे समय तक ऐसा करने से बैटरी जल्दी जवाब दे सकती है और डिवाइस की परफॉर्मेंस भी गिरती है।
ज़्यादा गर्म होने की दिक्कत
चार्जिंग के दौरान मोबाइल पहले से ही गर्म होता है। ऐसे में अगर आप साथ में हैवी ऐप्स, गेम्स या वीडियो प्ले करते हैं, तो डिवाइस जरूरत से अधिक तापमान तक पहुंच सकता है। इससे प्रोसेसर पर दबाव बढ़ता है और फोन अचानक फ्रीज़ या बंद हो सकता है
शॉर्ट सर्किट और करंट का जोखिम
कम गुणवत्ता वाले या नकली चार्जर का उपयोग करने से बिजली से जुड़ी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। कई बार चार्जिंग के समय फोन पर बात करते हुए लोगों को करंट लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं। यदि वायरिंग या चार्जर में गड़बड़ी हो तो शॉर्ट सर्किट होने की संभावना रहती है।
साइबर अटैक और डेटा लीक का खतरा
पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर फोन चार्ज करते हुए उसका इस्तेमाल करना साइबर हमलों का कारण बन सकता है। ‘जूस जैकिंग’ नामक तकनीक से हैकर्स आपके फोन का डेटा चुरा सकते हैं, जिससे आपकी निजी जानकारी असुरक्षित हो जाती है।
बचाव के तरीके
- चार्जिंग के समय हल्का इस्तेमाल करें – केवल जरूरी कॉल या मैसेज तक ही सीमित रहें।
- भारी ऐप्स से बचें – वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग या मल्टीटास्किंग को टालें।
- सर्टिफाइड एक्सेसरीज़ ही चुनें – केवल ब्रांडेड चार्जर और केबल का उपयोग करें।
- पब्लिक चार्जिंग से सतर्क रहें – USB डेटा ब्लॉकर जैसे सुरक्षा उपाय अपनाएं।
चार्जिंग के दौरान मोबाइल का उपयोग करना आम बात हो सकती है, मगर इससे डिवाइस को नुकसान और आपकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। यदि आप स्मार्टफोन की लंबी उम्र और सुरक्षित उपयोग चाहते हैं, तो इन आदतों में बदलाव ज़रूरी है।
