अगर आपको 5G की स्पीड अब सामान्य लगने लगी है, तो अगली पीढ़ी की तकनीक यानी 6G के लिए खुद को तैयार कर लीजिए। क्वालकॉम ने हाल ही में यह स्पष्ट किया है कि 2028 तक 6G-सपोर्टेड डिवाइसेस मार्केट में देखने को मिल सकते हैं। भारत में अभी भी कई यूजर्स 5G अपनाने की प्रक्रिया में हैं, लेकिन टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले कुछ वर्षों में एक नई क्रांति होने वाली है।
क्वालकॉम स्नैपड्रैगन समिट में कंपनी के सीईओ क्रिस्टियानो एमॉन ने बताया कि 2028 तक 6G तकनीक पर आधारित शुरुआती डिवाइसेस तैयार हो जाएंगे। हालांकि ये डिवाइस आम ग्राहकों के लिए नहीं होंगे, लेकिन इससे 6G टेक्नोलॉजी के फीचर्स और क्षमताओं की जानकारी मिल सकेगी। माना जा रहा है कि 6G आने के बाद स्मार्टफोन के इस्तेमाल का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। स्मार्टफोन्स के अलावा स्मार्ट रिंग्स, वॉचेज, ग्लासेस और अन्य वियरेबल डिवाइसेस में उन्नत सेंसर और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देखने को मिलेगी।
जहां 5G नेटवर्क गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम पर आधारित है, वहीं 6G टेराहर्ट्ज स्पेक्ट्रम पर काम करेगा, जिससे डाटा स्पीड और नेटवर्क की क्षमता में भारी सुधार होगा। मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी आमतौर पर हर 8 से 10 साल में एक बड़ा बदलाव लेकर आती है, लेकिन 5G के बाद 6G आने में लगभग 12 साल का अंतर होगा। 5G की शुरुआती डिवाइसेस 2016 में टेस्टिंग के तौर पर पेश हुई थीं, जबकि व्यापक स्तर पर 2019 में लॉन्च हुईं। उदाहरण के लिए, Samsung Galaxy S10 5G पहला कमर्शियल 5G फोन था, जो अप्रैल 2019 में लॉन्च हुआ था।
अब 6G की कमर्शियल टेस्टिंग 2028 से शुरू होने की उम्मीद है, यानी 5G से 6G तक का सफर करीब एक दशक से थोड़ा अधिक समय लेगा। 6G के साथ नेटवर्क स्पीड में 5G से लगभग पांच गुना अधिक बढ़ोतरी संभव है। इससे रियल-टाइम होलोग्राफिक कम्युनिकेशन, मल्टी-सेंसरी एक्सपीरियंस और AI इंटीग्रेशन जैसे अत्याधुनिक एप्लिकेशन को सहजता से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
हालांकि 6G तकनीक अभी भविष्य की बात लग सकती है, लेकिन इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। क्वालकॉम जैसी बड़ी कंपनियां इसका रोडमैप स्पष्ट कर चुकी हैं। आने वाले वर्षों में मोबाइल और स्मार्ट डिवाइसेस की दुनिया में एक नई क्रांति देखने को मिलेगी। यदि आप तकनीक के शौकीन हैं तो 6G की इस नई दुनिया के लिए तैयार रहिए, क्योंकि बदलाव अब दूर नहीं।
