आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को तिरुमाला के प्रसिद्ध मंदिर परिसर में एआई आधारित एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर (ICCC) का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक सुविधा, देश में अपनी तरह की पहली व्यवस्था है, जो तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और साइबर निगरानी को पूरी तरह से तकनीक से जोड़ती है।
तिरुमाला को मिला टेक्नोलॉजी का वरदान
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अनुसार, यह एआई-पावर्ड सेंटर एक आधुनिक तीर्थ व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य वास्तविक समय में भीड़ का पूर्वानुमान, कतारों की निगरानी, सुरक्षा बढ़ाना और साइबर खतरों पर नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
क्या है ICCC की खासियतें?
- यह केंद्र वैकुंठम क्यू कॉम्प्लेक्स-I में स्थापित किया गया है।
- इसमें 3डी लाइव मैप्स, उन्नत निगरानी कैमरे, और एक समर्पित टेक्निकल टीम शामिल है।
- 6,000 से अधिक एआई कैमरे और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के माध्यम से यह लाखों गतिविधियों को प्रोसेस कर सकता है।
- केंद्र ‘सर्व दर्शनम’ के प्रतीक्षा समय की भविष्यवाणी करता है, जिससे तीर्थयात्रियों को अधिक सुव्यवस्थित अनुभव मिलता है।
एनआरआई के सहयोग से बना मॉडल
यह परियोजना प्रवासी भारतीयों (NRI) के समर्थन से पब्लिक-प्राइवेट मॉडल पर विकसित की गई है। एआई, डिजिटल ट्विन और साइबर सुरक्षा जैसी तकनीकों के साथ मिलकर यह सिस्टम सुरक्षा और तीर्थ व्यवस्था को नया रूप देता है।
तकनीकी विशिष्टताएं:
- AI/ML और NVIDIA आधारित इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निर्मित
- रियल टाइम डेंसिटी ट्रैकिंग (भीड़ की निगरानी)
- विसंगति पहचान प्रणाली
- गलत सूचना और डिजिटल हमलों से सुरक्षा
चेहरों की पहचान से लेकर संकट प्रबंधन तक
इस कमांड सेंटर में फेशियल रिकग्निशन, क्राइसिस अलर्ट, और 3डी गाइडेड इवैक्यूएशन मैप्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। यह प्रणाली भीड़भरे क्षेत्रों, कतारों और आवासीय परिसरों की स्थिति को भी लाइव ट्रैक करती है।
तीर्थ सुरक्षा का नया मानदंड
यह सेंटर न केवल तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है बल्कि मंदिर की डिजिटल प्रतिष्ठा की भी रक्षा करता है। फेक न्यूज, अपमानजनक सामग्री, और साइबर अटैक्स को रोकने के लिए विशेष निगरानी प्रणाली सक्रिय है।
चौबीसों घंटे निगरानी
इस सेंटर को दो दर्जन से ज्यादा प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा 24×7 मॉनिटर किया जाएगा। इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड के माध्यम से तेजी से निर्णय और विभागीय समन्वय संभव होगा।डेटा प्रोसेसिंग की अद्वितीय क्षमता
- हर मिनट: 3.6 लाख पेलोड प्रोसेसिंग
- प्रतिदिन: 51.8 करोड़ घटनाएं
- रोजाना: 2.5 अरब अनुमान, वो भी रियल टाइम में
कैसे हुई शुरुआत?
इस विचार की शुरुआत अक्टूबर 2024 में आईटी मंत्री नारा लोकेश की सिलिकॉन वैली यात्रा के दौरान हुई थी। वहां उन्होंने स्मार्ट सिटी, एआई और साइबर सुरक्षा पर काम कर रहे कई स्टार्टअप्स से मुलाकात की थी। उन्हीं की प्रेरणा से यह परियोजना संभव हुई, जिसे प्रवासी भारतीयों के सहयोग से साकार किया गया।
तिरुमाला में अब श्रद्धा और तकनीक का अद्वितीय संगम देखने को मिलेगा, जहां हर तीर्थयात्री को आधुनिक सुविधा, सुरक्षा और पारदर्शिता का अनुभव होगा।
