प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न युवा-केन्द्रित पहलों का अनावरण किया, जिससे देश भर में शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को निर्णायक बढ़ावा मिलेगा।
नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह के दौरान, प्रधानमंत्री ने उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना का शुभारंभ किया। यह 60 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश वाली एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
इस योजना के तहत देश भर के एक हज़ार सरकारी आईटीआई संस्थानों को हब-एंड-स्पोक मॉडल में उन्नत किया जाएगा, जिसमें 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल होंगे। श्री मोदी ने 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में स्थापित एक हज़ार 200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री ने बिहार की संशोधित मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का भी शुभारंभ किया, जिसके तहत हर साल लगभग पांच लाख स्नातक युवाओं को दो साल तक एक हजार रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा, साथ ही मुफ्त कौशल प्रशिक्षण भी मिलेगा।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 46 अखिल भारतीय टॉपरों को सम्मानित किया। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत सिंह ने भी देश को एक वैश्विक कौशल केंद्र बनाने के श्री मोदी के दृष्टिकोण को दोहराया।
