Narendra Modi, India's prime minister, left, and Amit Shah, president of the Bharatiya Janata Party, attend an event marking the release of the Bharatiya Janata Party manifesto at the party's headquarters in New Delhi, India, on Monday, April 8, 2019. The ruling BJP pledged spend $1.44 trillion on infrastructure to boost the economy and raise living standards, in a bid to match its main rivals populist promises. Photographer: T. Narayan/Bloomberg via Getty Images
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार 60वीं डीजी कॉन्फ्रेंस नवा रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर के डीजी, एडीजी और आईजी स्तर के लगभग 250 वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी भाग लेंगे। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने 60वीं डीजी कॉन्फ्रेंस के आयोजन को लेकर उपरोक्त जानकारी दी है।
अधिकारियों के अनुसार, डीजी कॉन्फ्रेंस का आयोजन नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) भवन में होगा। प्रधानमंत्री मोदी के ठहरने की व्यवस्था नवीन स्पीकर हाउस में की जा रही है, जो आईआईएम और विधानसभा भवन के निकट स्थित है। अतिथि अधिकारियों को आफिसर्स मेस, सर्किट हाउस, पहुना अतिथि गृह और कन्वेंशन सेंटर में ठहराया जाएगा। सभी स्थानों पर सुरक्षा और सुविधाओं की उच्च स्तरीय तैयारियां की जा रही है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस आयोजन के लिए स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि, होटल या निजी भवनों के बजाय सभी बैठकें और आवास की व्यवस्था केवल शासकीय भवनों में की जाएगी। इसके चलते जिला और पुलिस प्रशासन नवा रायपुर में उपयुक्त सरकारी परिसरों के चयन में जुट गया है।
डीजी कांफ्रेंस में आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, साइबर क्राइम, सीमा प्रबंधन, मादक पदार्थ नियंत्रण और आतंकवाद जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। साथ ही, इंटेलिजेंस शेयरिंग और राज्यों के बीच सुरक्षा समन्वय को मजबूत करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श होगा। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियानों और माओवाद विरोधी रणनीतियों पर भी विस्तृत सत्र आयोजित होगा।
उल्लेखनीय है कि, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले ही माओवाद को समाप्त करने की समय सीमा 31 मार्च 2026 तय कर चुके हैं। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी इस सत्र में सीधे अधिकारियों से फीडबैक लेंगे और नई सुरक्षा नीतियों की रूपरेखा तय होगी।
