केंद्र ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर पाठ्यक्रम कक्षा 3 से सभी स्कूलों में शुरू किया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह पहल जटिल चुनौतियों को हल करने के लिए एआई के नैतिक उपयोग की दिशा में एक नया लेकिन महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह प्रौद्योगिकी कक्षा 3 से शुरू होकर आधारभूत स्तर से ही अंतर्निहित हो जाएगी।
इसमें कहा गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कम्प्यूटेशनल सोच सीखने, सोचने और सिखाने की अवधारणा को सुदृढ़ करेगी, और धीरे-धीरे सार्वजनिक भलाई के लिए एआई के विचार की ओर विस्तार करेगी।
मंत्रालय ने आगे बताया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर कार्तिक रमन की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
सीबीएसई, एनसीईआरटी, केवीएस, एनवीएस और बाहरी विशेषज्ञों सहित विशेषज्ञ निकायों को एक साथ लाने के लिए एक हितधारक परामर्श नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
परामर्श में बोलते हुए, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि एआई में शिक्षा को हमारे आसपास की दुनिया से जुड़ी एक बुनियादी सार्वभौमिक कौशल के रूप में माना जाना चाहिए।
