नई दिल्ली, 19 नवंबर । दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने आज स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी नेता भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव दिवस के अपने वर्षभर चलने वाले समारोह का समापन किया।
डीएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल के अनुसार डीएमआरसी ने अपने आदिवासी कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से एक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसके बाद बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्षों पर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। समारोह में विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। जबकि सभी प्रतिभागियों को उनकी प्रतिबद्धता और भागीदारी के सम्मान में भागीदारी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
दयाल ने बताया कि पूरे वर्ष डीएमआरसी ने समारोह के हिस्से के रूप में अपने आदिवासी कर्मचारियों को समर्पित कई गतिविधियां आयोजित कीं। बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डालने के लिए एक शिक्षा एवं कौशल विकास व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनके अटूट संकल्प और मातृभूमि की रक्षा के प्रति उनके समर्पण पर प्रकाश डाला गया। इसके अतिरिक्त गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान देशभर के आदिवासी बच्चों के लिए एक विशेष ट्रेन यात्रा का आयोजन किया गया। इससे उन्हें दिल्ली मेट्रो की सेवाओं का एक अनूठा अनुभव प्राप्त हुआ।
इसके अलावा डीएमआरसी ने अपने आदिवासी कर्मचारियों के बच्चों के लिए एक कला प्रतियोगिता आयोजित करके युवा पीढ़ी में रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित किया। इन पहलों ने सामूहिक रूप से बिरसा मुंडा की विरासत का सम्मान करने और अपने आदिवासी कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच समावेशिता, शिक्षा और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के प्रति डीएमआरसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। दयाल ने कहा कि डीएमआरसी कर्मचारी विकास एवं सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देते हुए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने वाली पहलों में संलग्न हैं।
