अंतरिक्ष में तीन चीनी एस्ट्रोनॉट्स ऐसी स्थिति में फंस गए हैं, जहाँ उनके पास पृथ्वी पर लौटने का कोई सुरक्षित साधन नहीं बचा है। स्पेस मलबे की टक्कर से उनका रिटर्न कैप्सूल भारी नुकसान झेल चुका है। इसी संकट से निकालने के लिए चीन ने शेनझोउ-22 स्पेसक्राफ्ट को बिना किसी क्रू के तियांगोंग स्पेस स्टेशन की ओर भेजा है, ताकि यह उनके लिए आपातकालीन वापसी वाहन का काम कर सके।
चीन ने 24 नवंबर की रात को जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च 2F/G रॉकेट के जरिए शेनझोउ-22 को लॉन्च किया। इसकी लॉन्चिंग से पहले रॉकेट की फ्यूलिंग निर्धारित समय से पहले पूरी कर ली गई थी, और मिशन का एक आधिकारिक पैच भी जारी किया गया था, जिसमें रॉकेट को महान दीवार के ऊपर तारों की ओर बढ़ते हुए दिखाया गया था।
एस्ट्रोनॉट्स की मुश्किलें तब शुरू हुईं, जब पहले से डॉक किया हुआ शेनझोउ-20 रिटर्न कैप्सूल स्पेस डेब्रिस से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि उस मिशन के क्रू को शेनझोउ-21 के जरिए तुरंत वापस लाया गया। तब से झांग लू, झांग होंगझांग और वू फी स्टेशन पर बिना किसी वापसी वाहन के काम कर रहे हैं।
क्षतिग्रस्त शेनझोउ-20 अभी भी स्टेशन से जुड़ा हुआ है। उसे मरम्मत कर पृथ्वी पर वापस लाने या अगले मिशनों के लिए डॉकिंग पोर्ट खाली करने के लिए कक्षा में छोड़ देने, दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यह ज़रूरी भी है, क्योंकि शेनझोउ-23 अगले साल इसी पोर्ट पर डॉक करेगा।
जब शेनझोउ-22 सुरक्षित रूप से तियांगोंग स्टेशन से जुड़ जाएगा, तब तीनों एस्ट्रोनॉट्स सामान्य रूप से अपना काम जारी रख सकेंगे। उनकी पृथ्वी वापसी का शेड्यूल फिलहाल अप्रैल 2026 के लिए तय है, जब शेनझोउ-23 उन्हें वापस लाएगा।
