केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित तकनीकें भारत में एक बुद्धिमान, उपभोक्ता-केंद्रित और स्वयं अनुकूलित होने वाली बिजली वितरण व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वे दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे, जिसका उद्देश्य बिजली वितरण क्षेत्र में AI/ML तकनीकों के उपयोग पर चर्चा करना था।
मंत्री ने कहा कि AI/ML से जुड़े समाधान—जैसे स्मार्ट मीटर एनालिटिक्स, डिजिटल ट्विन, प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस, चोरी की पहचान, उपकरण-स्तर की खपत जानकारी, स्वचालित आउटेज पूर्वानुमान और GenAI आधारित समर्थन प्रणाली—उपभोक्ताओं के अनुभव और बिजली कंपनियों (डिस्कॉम) की कार्यक्षमता, दोनों को बदल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ये तकनीकें उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत बेहतर तरीके से मैनेज करने, बिजली चोरी से बचाव, खराबी से पहले ही आउटेज रोकने और बिजली कंपनियों को नुकसान घटाने तथा लागत अनुकूलित करने में मदद करेंगी। इससे भारत डिजिटल बिजली सुधार और भविष्य-तैयार ग्रिड गवर्नेंस में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ सकता है।
मंत्री ने सभी डिस्कॉम से अपील की कि वे इकोसिस्टम के सभी भागीदारों के साथ मिलकर स्मार्ट और भरोसेमंद बिजली वितरण प्रणाली की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को अपनाने के लिए उपभोक्ताओं को सही जानकारी देना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में मंत्री ने CEA द्वारा विकसित STELLAR सिस्टम भी लॉन्च किया, जो डिस्कॉम को दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति क्षमता से जुड़े अध्ययन और योजनाएं बनाने में सक्षम बनाएगा। साथ ही, इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम (ISGF) ने AI, ML, AR/VR और रोबोटिक्स पर तैयार की गई हैंडबुक भी पेश की, जिसमें 174 उपयोग मामलों का विवरण है।
सम्मेलन में 195 इनोवेशन एंट्रीज़ प्राप्त हुईं, जिनमें से 51 को विस्तृत मूल्यांकन के लिए चुना गया। तमिलनाडु TNPDCL, एमपी ईस्ट, टाटा पावर, अप्रावा एनर्जी, प्रवाह और फ्लॉक एनर्जी को विभिन्न श्रेणियों में विजेता चुना गया। विजेताओं ने अपने समाधान प्रस्तुत किए, जिनमें उन्नत स्मार्ट मीटर एनालिटिक्स, रियल-टाइम ग्रिड इंटेलिजेंस और उपभोक्ता उपकरण-स्तरीय ऊर्जा विश्लेषण जैसी तकनीकें शामिल थीं।
