अंबिकापुर, 25 दिसंबर । छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लिए यह गर्व का क्षण है, जब दरिमा की एक सरकारी शिक्षिका ने देश के सबसे चर्चित क्विज शो के मंच तक पहुंचकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्षों के सपने और निरंतर अभ्यास का परिणाम तब सामने आया, जब उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति के हॉट सीट तक का सफर तय किया।
दरिमा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका विभा चौबे ने सोनी टीवी के लोकप्रिय क्विज शो काैन बनेगा कराेड़पति में शानदार प्रदर्शन करते हुए 12.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि अपने नाम की। वे 25 लाख रुपये के प्रश्न तक पहुंचीं, लेकिन उत्तर को लेकर पूर्ण आश्वस्त न होने के कारण उन्होंने खेल छोड़ने का निर्णय लिया।
विभा चौबे का यह सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में केबीसी की शुरुआत के बाद से ही उनका सपना था कि किसी दिन वे इस मंच पर पहुंचें। बीते 25 वर्षों में उन्होंने सामान्य ज्ञान, समसामयिक विषयों और क्विज की तैयारी लगातार जारी रखी। इस सीजन में उन्हें शो की ओर से कॉल आया, जिसके बाद चयन के कई चरणों से गुजरते हुए वे मुंबई स्थित सेट तक पहुंचीं। फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट राउंड में सफलता हासिल कर उन्होंने हॉट सीट पर जगह बनाई। इस उपलब्धि के साथ वे सरगुजा जिले से केबीसी में पहुंचने वाली पहली महिला प्रतिभागी बन गईं।
केबीसी के इस सीजन में पूछे गए सवालों का आत्मविश्वास के साथ जवाब देते हुए उन्होंने 12.5 लाख रुपये तक की राशि सुरक्षित की। उनका एपिसोड 31 दिसंबर और 1 जनवरी को सोनी टीवी पर प्रसारित किया जाएगा, जिसका प्रोमो पहले ही जारी किया जा चुका है। अपने अनुभव साझा करते हुए विभा चौबे ने हिन्दुस्थान समाचार काे बताया कि शो के दौरान होस्ट अमिताभ बच्चन का व्यवहार बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने कहा कि मंच पर पहुंचने से पहले ही अमिताभ बच्चन प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हैं और उनसे इस तरह संवाद करते हैं कि घबराहट महसूस ही नहीं होती।
विभा चौबे ने बताया कि महानायक से मुलाकात अपने आप में अविस्मरणीय रही। उन्होंने उन्हें गुलाब का फूल भेंट किया और एक कविता भी सुनाई। उनके अनुसार, अमिताभ बच्चन बेहद सरल स्वभाव के हैं और उनसे मिलकर ही आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है। इस सफलता के पीछे परिवार का भी बड़ा योगदान रहा। उन्होंने कहा कि हर कदम पर परिवार का सहयोग मिला। उनके पति परमेंद्र चौबे मैनपाट स्थित एक मिडिल स्कूल में हेडमास्टर हैं और उन्होंने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
