31 दिसंबर । डेनमार्क ने इस सप्ताह पत्र वितरण बंद कर दिया है, जिससे 400 साल पुरानी डाक परंपरा का अंत हो गया है। डिजिटल संचार के चलते भौतिक डाक का उपयोग आर्थिक रूप से अलाभकारी हो गया है। राज्य की डाक सेवा पोस्टनोर्ड ने 2000 के बाद से डाक की मात्रा में 90 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद अपने अंतिम पत्र वितरित किए, जिससे डेनमार्क पारंपरिक डाक सेवा को पूरी तरह से बंद करने वाला पहला देश बन गया है।
1,500 सार्वजनिक डाक पेटियाँ हटा दी गई हैं और इन पेटियों की नीलामी दान के लिए की गई है। अब से डेनमार्क में लोग सार्वजनिक डाक पेटियों में पत्र नहीं डालेंगे। इसके बजाय, उन्हें पत्रों को दुकानों के कियोस्क पर ले जाना होगा, जहाँ डेनमार्क की एक निजी शिपिंग और डाक सेवा कंपनी, DAO, उन्हें एकत्र करके वितरित करेगी।
वहीं, नॉर्डिक डाक कंपनी पोस्टनॉर्ड पार्सल डिलीवरी और ई-कॉमर्स पर ध्यान केंद्रित करेगी। हालांकि यह कदम डेनमार्क के उच्च स्तर के डिजिटल एकीकरण को दर्शाता है, लेकिन कुछ संगठनों का कहना है कि इससे बुजुर्ग नागरिकों और विश्वसनीय इंटरनेट सुविधा से वंचित लोगों को नुकसान हो सकता है।
