रायपुर, 31 दिसंबर । पूर्व संसदीय सचिव एवं रायपुर लोकसभा के छाया सांसद विकास उपाध्याय ने पीडब्ल्यूडी और नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री अरुण साव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने निविदा प्रक्रिया के सरलीकरण को लेकर दिए गए मंत्री के बयान को “हास्यपद” करार देते हुए कहा कि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि रायपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर चिन्हित ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री और महापौर के नाक के नीचे निविदा शर्तों में बार-बार बदलाव कर मनचाहे ठेकेदारों को फायदा दिया जा रहा है। पहले निविदा में कुछ शर्तें रखी जाती हैं और बाद में संशोधन (कोरेन्डम) जारी कर चुपचाप उन्हें बदल दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी में 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों में अनुभव की शर्त नहीं मांगी जाती, जबकि नगर निगम में कभी 3 करोड़ तो कभी 1 करोड़ के कार्यों में अनुभव की शर्त लगाई जा रही है। सबसे अधिक शिकायतें रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 9 से मिल रही हैं, जहां व्यक्ति विशेष को लाभ देने के लिए नियमों को तोड़ा जा रहा है।
विकास उपाध्याय ने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सिविल वर्क के कार्य निविदा शर्तों के विपरीत जेम पोर्टल के माध्यम से कराए जा रहे हैं और इस प्रक्रिया का दुरुपयोग चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए हो रहा है। इसके साथ ही मुख्यालय सफाई गैंग और महापौर सफाई गैंग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जगह सफाई कर्मी दिखाई ही नहीं देते।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा अधोसंरचना मद से विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि पर भी निगम अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों से एक प्रतिशत कमीशन वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं।
विकास उपाध्याय ने कहा कि रायपुर नगर निगम पूरी तरह भ्रष्ट हो चुका है। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, चिन्हित ठेकेदारों को काम देकर मोटी कमीशन वसूली जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जहां प्रदेश में “तीन इंजन की सरकार” होने का दावा किया जा रहा है, वहीं रायपुर में सफाई व्यवस्था बदहाल है। कई स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं और आम जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए निगम कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो मंत्री अरुण साव के निवास और रायपुर नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
