रायपुर, 13 जनवरी। स्वास्थ्य, सुरक्षा, पर्यावरण एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों, संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को सम्मानित करने हेतु इंस्टीट्यूशन ऑफ सेफ्टी इंजीनियर्स (इंडिया) द्वारा आईएसईआई एक्सीलेंस पुरस्कार 2025–26 का आयोजन राजधानी रायपुर स्थित बेबीलोन इंटरनेशनल होटल में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सुरक्षा शपथ के साथ हुआ। आयोजन की मूल थीम “दुर्घटना की रोकथाम, हरित पर्यावरण एवं सुरक्षित समाज” रही, जो सुरक्षित कार्यस्थल, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा के प्रति आईएसईआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति उसके नागरिकों के स्वास्थ्य और कार्यस्थलों की सुरक्षा से जुड़ी होती है। उन्होंने दुर्घटना रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण और आपदा के समय होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में आईएसईआई के प्रयासों की सराहना की तथा छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को दुर्घटनामुक्त और स्वच्छ वातावरण के लिए संकल्पित होने का आह्वान किया।
इस अवसर पर देश एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सुरक्षा इंजीनियरों, औद्योगिक विशेषज्ञों, चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े पेशेवरों को उनके नवाचार, दुर्घटना निवारण, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आईएसईआई एक्सीलेंस पुरस्कार 2025–26 से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा विशेष व्याख्यान, तकनीकी सत्र और विचार-विमर्श भी आयोजित किए गए, जिनमें सुरक्षा नेतृत्व, जोखिम प्रबंधन, नियामकीय अनुपालन और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अनुभव साझा किए गए।
इस आयोजन में देश की कई प्रमुख औद्योगिक एवं अवसंरचना कंपनियों ने सक्रिय सहभागिता की, जिनमें टाटा स्टील, एल एंड टी, भारतीय रेल बिजली कंपनी, केईसी इंटरनेशनल, बिरला ओपस पेंट, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, भारत एल्यूमिनियम कंपनी, डालमिया सीमेंट, आईएनएसएन सीरिट प्राइवेट लिमिटेड, हॉप गिवर्स ट्रस्ट सहित अन्य कंपनियां प्रमुख रहीं।
