20 जनवरी। जम्मू-कश्मीर के लेह में शुरू हो रहे खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के लद्दाख चरण में एथलीटों, कोचों एवं तकनीकी अधिकारियों सहित 1000 से अधिक पुरुष एवं महिलाएं हिस्सा ले रहे हैं। केआईडब्ल्यूजी 2026 का उद्घाटन समारोह आज मंगलवार दोपहर को होगा। नवांग दोरजे स्टोबदान (एनडीएस) स्टेडियम, आर्मी रिंक और बर्फ़ से ढंका हुआ गुपुख झील 26 जनवरी को खेलों के समापन तक आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
दो खेलों स्केटिंग और हॉकी में 472 एथलीट हिस्सा लेंगे
बर्फ पर खेले जाने वाले दो खेलों स्केटिंग और हॉकी में 472 एथलीट हिस्सा लेंगे। इस वर्ष का नया आकर्षण ओलंपिक स्पर्धा फिगर स्केटिंग को शामिल करना है। पिछले वर्ष केआईडब्ल्यूजी के लद्दाख चरण में, मेजबान ने 13 में से चार स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था जबकि तमिलनाडु और महाराष्ट्र क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे थे।
खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का पहला चरण केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के युवा सेवा एवं खेल विभाग द्वारा भारतीय खेल प्राधिकरण की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है। खेलों का संचालन करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता राष्ट्रीय खेल संवर्धन निकायों/संघों द्वारा प्रदान की जाती है जो हिम खेलों का प्रबंधन करते हैं।
केआईडब्ल्यूजी 2026, खेलो इंडिया कैलेंडर का इस वर्ष का दूसरा आयोजन
आपको बता दें, केआईडब्ल्यूजी 2026, खेलो इंडिया कैलेंडर का इस वर्ष का दूसरा आयोजन है। पहला आयोजन 5 से 10 जनवरी तक दीव में आयोजित खेलो इंडिया बीच गेम्स था। सभी खिलाड़ियों और उनके सहायक कर्मचारियों के लिए, लेह गेम्स यह देखने का अवसर होगा कि खिलाड़ी चुनौतीपूर्ण उच्च ऊंचाई वाली जलवायु परिस्थितियों जैसे कि माइनस डिग्री तापमान और कम ऑक्सीजन में कैसा प्रदर्शन करते हैं।
डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “साल की शुरुआत भारतीय खेलों के लिए जबरदस्त शुरुआत के साथ हुई है, पहले महीने में दो खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन हुआ, जिसमें हाल ही में दीव में समाप्त हुए खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 भी शामिल है। खेलो इंडिया विंटर गेम्स एक और महत्वपूर्ण आयाम जोड़ता है, जिससे खिलाड़ियों को शीतकालीन खेलों में प्रतिस्पर्धा करने एवां उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर मिलता है, जो क्षेत्र भारत में ऐतिहासिक रूप से सीमित प्रतिस्पर्धी अनुभव वाला रहा है। यह केंद्र की मोदी सरकार के निरंतर एवं केंद्रित प्रयासों के कारण ही संभव हुआ है कि आज भारत एक राष्ट्रीय स्तर पर मल्टी स्पोर्ट विंटर गेम्स की मेज़बानी करता है और देश के घरेलू प्रतियोगिता संरचना में शीतकालीन खेलों को मजबूती से शामिल किया जा रहा है।
लद्दाख में आइस हॉकी मुख्य आकर्षण का केंद्र
केआईडब्ल्यूजी लद्दाख में आइस हॉकी मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन फिगर स्केटिंग को भी एक स्वागत योग्य खेल के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब हो, पिछले साल फरवरी में चीन के हार्बिन में आयोजित एशियाई शीतकालीन खेलों में भारत ने 23 आइस स्केटर्स और कुल 59 एथलीट भेजे थे, जो खेलों के लिए अब तक की सबसे बड़ी टीम थी। अमेरिका में रहने वाली तारा प्रसाद ने आठवां स्थान प्राप्त किया, जो एशियाई खेलों में फिगर स्केटिंग में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पुरुषों में मंजेश तिवारी 15वें स्थान पर रहे।
केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण में 17 स्वर्ण पदक शामिल होंगे
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से हरियाणा (62), हिमाचल प्रदेश (55) और मेजबान लद्दाख (52) के एथलीटों की संख्या सबसे अधिक है। केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण में 17 स्वर्ण पदक शामिल होंगे, इनमें से 15 आइस स्केटिंग के लिए दिए जाएंगे। केआईडब्ल्यूजी के बारे में अधिक जानकारी के लिए संबंधित वेबसाइट (www.Winter.kheloindia.gov.in) पर विजिट किया जा सकता है।
