04 फ़रवरी। अमेरिका की भारत के टेक्सटाइल निर्यात में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है और प्रस्तावित ट्रेड डील से इस उद्योग को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है। यह बात मंगलवार को इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने कही।अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष शक्तिवेल ने बातचीत के दौरान कहा, “तिरुपुर से होने वाले कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है। ऐसे में यह ट्रेड डील हमारे लिए बेहद सकारात्मक खबर है। इससे भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग को अमेरिकी बाजार में अन्य देशों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल होगी।”
उन्होंने रोजगार पर कहा, “भारत ने हाल ही में यूके, ओमान, न्यूजीलैंड और ईयू के ट्रेड डील की है। इसका सीधा फायदा इंडस्ट्री को होगा और इससे रोजगार के मौके बढ़ेंगे। ऐसे में इंडस्ट्री को भी क्षमता वृद्धि करनी चाहिए, साथ ही स्किल पर भी ध्यान होगा, क्योंकि आने वाले समय में लेबर की कमी हो सकती है।”
तिरुपुर एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव कुमार दुरईसामी ने कहा कि दोनों देश के बीच ट्रेड डील के लिए बातचीत काफी समय से चल रही थी। ऐसे में अमेरिका की ओर से 50 प्रतिशत टैरिफ भारत पर लगा दिए गए थे। ट्रेड डील होना पूरी इंडस्ट्री के लिए अच्छी खबर है। इससे बिजनेस को बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, बीते छह महीने में जो टैरिफ के कारण नुकसान हुआ है, उसे रिकवर करने में मदद मिलेगी।
अहमदाबाद में इन ग्लोबल बिजनेस फाउंडेशन में हिरेन गांधी ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और विश्व में सबसे बड़ा कंज्यूमर भी है। टैरिफ लगाने के बाद अमेरिका को भी एहसास हुआ है कि भारत को ऐसे अकेला नहीं छोड़ सकते हैं, जिसका परिणाम यह ट्रेड डील है। इससे भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए नए अवसर खुलेंगे।
इससे पहले वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील की है, वह अन्य पड़ोसी देशों के साथ यूएस द्वारा की गई ट्रेड डील के मुकाबले काफी अच्छी है। इसमें देश के किसानों, डेयरी सेक्टर से जुड़े लोगों और मछुआरों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
