05 फरवरी । केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की यात्री यात्रा को आधुनिक बनाने और सुरक्षा एवं आराम को बढ़ाने के प्रयासों के तहत वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के 260 रेक बनाने की योजना बनाई है।
लिखित उत्तर में मंत्री जी ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर जैसी नई रेलगाड़ियों के विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें तकनीकी नवाचार, रणनीतिक योजना और उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाएं शामिल हों। इस कार्यक्रम में प्रोटोटाइप विकास के बाद व्यापक परीक्षण और प्रयोग किए जाएंगे, जिसके बाद सुरक्षित, विश्वसनीय और आरामदायक संचालन सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया जाएगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेटों का निर्माण बीईएमएल और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई द्वारा प्रौद्योगिकी साझेदारों के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। यात्रियों की मांग और परिचालन संबंधी तैयारियों के आधार पर इन्हें धीरे-धीरे नियमित यात्री सेवाओं में शामिल किया जाएगा।
मंत्री जी ने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों के स्लीपर संस्करण को यात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने और सुरक्षा एवं आराम के नए मानक स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आधुनिक कोच झटके रहित अर्ध-स्थायी कपलर और एंटी-क्लाइंबर, कवच ट्रेन टक्कर निवारण प्रणाली और यूरोपीय (EN) मानकों के अनुरूप दुर्घटना-रोधी कार बॉडी डिज़ाइन से सुसज्जित हैं।
इन ट्रेनों को उच्च त्वरण के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिनकी डिज़ाइन गति 180 किमी प्रति घंटा और परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा तक है। इनमें आग से सुरक्षा के उन्नत उपाय शामिल किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक कोच के अंत में फायर बैरियर दरवाजे और विद्युत कैबिनेट और शौचालयों में एरोसोल-आधारित अग्नि पहचान और शमन प्रणाली शामिल हैं।
यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, केंद्रीय नियंत्रण द्वारा संचालित स्वचालित प्लग डोर, पूरी तरह से सीलबंद चौड़े गलियारे और सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। एयर कंडीशनिंग यूनिट स्वदेशी रूप से विकसित यूवी-सी लैंप आधारित कीटाणुशोधन प्रणालियों से सुसज्जित हैं, जो 99 प्रतिशत तक हानिकारक बैक्टीरिया को निष्क्रिय करने में सक्षम हैं, जिससे ट्रेन के अंदर स्वच्छता में सुधार होता है।
इन ट्रेनों में यात्रियों और ट्रेन प्रबंधक या लोको पायलट के बीच सीधे संवाद के लिए आपातकालीन टॉक-बैक यूनिट, यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक समय में निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत कोच निगरानी प्रणाली और ऊपरी बर्थ तक आसानी से पहुंचने के लिए एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन की गई सीढ़ियाँ भी मौजूद हैं। दिव्यांगजन यात्रियों के लिए ट्रेन के दोनों सिरों पर स्थित ड्राइविंग कोचों में विशेष शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं।
