New Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw speaks in the Lok Sabha during the Budget Session of Parliament, in New Delhi on Monday, February 2, 2026. (Photo: IANS/Video Grab/Sansad TV)
06 फ़रवरी । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 172 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा हो गया है। इस योजना का उद्देश्य स्टेशनों और उनके आसपास के क्षेत्रों में सुविधाओं में सुधार करना, स्टेशनों को शहर के दोनों तरफ से जोड़ना और इमारत, वेटिंग हॉल व शौचालय जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाकर यात्रियों को बेहतर सेवाएं देना है।
योजना में यात्रियों की संख्या के अनुसार चौड़े फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर और लिफ्ट, बेहतर पार्किंग क्षेत्र और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है। मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन और यात्रियों को सामान बेचने के लिए कियोस्क जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। वैष्णव ने लोकसभा में लिखित उत्तर में कहा कि इसमें टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल समाधान, आधुनिक ट्रैक और स्टेशन पर एक सिटी सेंटर बनाने की योजना भी शामिल है। अब तक इस योजना के तहत 1,337 स्टेशनों को विकास के लिए चिन्हित किया गया है।
मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे देशभर के ब्रिज की सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देता है। 2022-2025 (दिसंबर 2025 तक) के दौरान कुल 8,626 रेलवे ब्रिज की मरम्मत, मजबूती और पुनर्निर्माण किया गया है। रेलवे ब्रिज की जांच के लिए एक स्थापित प्रणाली है। ब्रिज का निरीक्षण साल में दो बार किया जाता है, एक बार मानसून के शुरू होने से पहले और एक विस्तृत निरीक्षण मानसून के बाद किया जाता है। कुछ ब्रिज की स्थिति के अनुसार अधिक बार निरीक्षण किया जाता है, ये चीफ ब्रिज इंजीनियर तय करते हैं। निरीक्षण के दौरान उनकी मरम्मत की जाती है। विशेष तकनीकी ऑडिट भी किया जाता है और इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
सबवे और रोड अंडर ब्रिज का निरीक्षण भी मानसून से पहले और बाद में किया जाता है। आरयूबी और सबवे में जलजमाव को कम करने के लिए कदम उठाए गए हैं। ब्रिज पुनर्वास कार्य की विधियां भारतीय रेलवे ब्रिज मैनुअल में दी गई हैं। गुणवत्ता आश्वासन योजना, निरीक्षण और परीक्षण योजना का पालन कॉन्ट्रैक्ट प्रबंधन और कॉन्ट्रैक्ट की सामान्य और विशेष शर्तों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाता है।
