अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में हज 2026 के लिए प्रतिनियुक्त तीर्थयात्रियों के लिए अभिविन्यास-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम हज 2026 की तैयारियों की शुरुआत का प्रतीक है, जिसके दौरान लगभग 1.75 लाख भारतीय तीर्थयात्री तीर्थयात्रा करेंगे। तीर्थयात्रियों को आवश्यक प्रशासनिक और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिनियुक्त तीर्थयात्रियों को ढाई महीने की अवधि के लिए सऊदी अरब में भारतीय महावाणिज्य दूतावास की देखरेख में तैनात किया जाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए श्री कुरियन ने कहा कि हज प्रबंधन भारत द्वारा विदेशों में किए जाने वाले सबसे बड़े और सबसे जटिल रसद अभियानों में से एक है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को लगभग 1.75 लाख तीर्थयात्रियों की सेवा का दायित्व सौंपा गया है और वे सऊदी अरब में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने हाल के वर्षों में शुरू किए गए प्रमुख कल्याणकारी उपायों और सुधारों पर प्रकाश डाला, जिनमें बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सुविधाएँ और उनके साथ यात्रा करने वाले साथियों के लिए प्रावधान, साथ ही बिना मेहरम के यात्रा करने वाली महिला तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएँ शामिल हैं।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की तैयारियों को मजबूत करने, हितधारकों के बीच समन्वय बढ़ाने और 2026 में भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए एक निर्बाध हज अनुभव सुनिश्चित करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
